ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस (GRFC) 2026

ग्लोबल नेटवर्क अगेंस्ट फूड क्राइसिस और उसके सहयोगियों द्वारा जारी ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस (GRFC) 2026 के अनुसार, तीव्र खाद्य असुरक्षा और कुपोषण का स्तर चिंताजनक रूप से उच्च और गहरा बना हुआ है। अपने 10वें संस्करण में, GRFC दर्शाता है कि पिछले दशक में गंभीर भुखमरी की समस्या दोगुनी हो गई है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष:

  • दोहरा अकाल: रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दो स्थानों—गाजा पट्टी और सूडान के कुछ हिस्सों में अकाल (Famine) की पुष्टि हुई थी। औपचारिक वैश्विक निगरानी शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब एक साथ दो स्थानों पर अकाल की पुष्टि हुई है।
  • संकेंद्रित संकट: तीव्र खाद्य असुरक्षा मुख्य रूप से 10 देशों में केंद्रित है: अफगानिस्तान, बांग्लादेश, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, म्यांमार, नाइजीरिया, पाकिस्तान, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरियाई अरब गणराज्य और यमन।
  • सबसे अधिक प्रभावित देश: अफगानिस्तान, दक्षिण सूडान, सूडान और यमन सबसे खराब स्थिति वाले देशों में शामिल थे। इन देशों ने अपनी जनसंख्या के अनुपात और तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लोगों की कुल संख्या, दोनों ही दृष्टि से सबसे गंभीर खाद्य संकट का अनुभव किया। 

खाद्य असुरक्षा के चरणों को समझना (IPC स्केल)

खाद्य असुरक्षा की गंभीरता को मापने के लिए विशेषज्ञ अक्सर एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (IPC) का उपयोग करते हैं। यह रिपोर्ट में उल्लिखित “तीव्र खाद्य असुरक्षा” और “अकाल” जैसी स्थितियों को स्पष्ट करने में मदद करता है।

  • चरण 3 (संकट – Crisis): परिवारों को भोजन की कमी का सामना करना पड़ता है और वे जीवित रहने के लिए अपनी संपत्ति बेचने जैसे कदम उठाते हैं।
  • चरण 4 (आपातकाल – Emergency): कुपोषण का स्तर बहुत अधिक होता है और मृत्यु दर बढ़ने लगती है।

चरण 5 (अकाल/तबाही – Famine/Catastrophe): भोजन की पूर्ण कमी, बड़े पैमाने पर भुखमरी और मौतें। (जैसा कि 2025 में गाजा और सूडान में देखा गया)।

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