धोलेरा में भारत की पहली वाणिज्यिक Mini/Micro-LED डिस्प्ले यूनिट को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत दो नई सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें कुल ₹3,936 करोड़ का निवेश किया जाएगा। ये दोनों प्रोजेक्ट्स गुजरात में स्थापित किए जाएंगे और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। 

क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (CML) और ‘धोलेरा’ प्रोजेक्ट

इस मंजूरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (CML) का प्रस्ताव है, जो धोलेरा में भारत की पहली वाणिज्यिक Mini/Micro-LED डिस्प्ले यूनिट स्थापित करेगी।

  • भारत की पहली इकाई: यह गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित भारत की पहली एकीकृत फैब्रिकेशन और असेंबली सुविधा होगी।
  • उत्पादन क्षमता: यह इकाई सालाना 72,000 वर्ग मीटर मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले पैनल और 24,000 सेट RGB GaN एपिटैक्सी वेफर्स तैयार करेगी।
  • फाउंड्री सेवाएं: यह 6-इंच वेफर्स पर एपिटैक्सी सहित GaN फाउंड्री सेवाएं भी प्रदान करेगी। 

गैलियम नाइट्राइड (GaN) क्या है?

गैलियम नाइट्राइड एक वाइड-बैंडगैप (Wide-bandgap) सेमीकंडक्टर सामग्री है, जो दक्षता, गति और पावर डेंसिटी के मामले में पारंपरिक सिलिकॉन (Silicon) से कहीं अधिक उन्नत है।

GaN के प्रमुख फायदे:

  1. उच्च प्रदर्शन: यह सिलिकॉन की तुलना में अधिक तापमान और उच्च वोल्टेज पर काम कर सकता है।
  2. ऊर्जा दक्षता: यह बिजली की कम खपत करता है और तेजी से स्विचिंग (Switching) करने में सक्षम है।
  3. कॉम्पैक्ट डिजाइन: इसके उपयोग से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (जैसे चार्जर और सेंसर) बहुत छोटे और शक्तिशाली बनाए जा सकते हैं। 

उपयोग और प्रभाव

ये प्रोजेक्ट्स निम्नलिखित क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स: कॉम्पैक्ट और फास्ट-चार्जिंग डिवाइस।
  • कम्युनिकेशन: 5G बेस स्टेशन और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर।
  • ऑटोमोबाइल: इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए कुशल पावर सिस्टम।
  • डिस्प्ले: टीवी, मोबाइल और लैपटॉप के लिए उच्च गुणवत्ता वाले टिकाऊ एलईडी स्क्रीन।

Source: PIB

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