इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) योजना

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 31 मार्च, 2026 के बाद 01 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक पांच साल की अवधि के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिसका बजट परिव्यय 1,800 करोड़ रुपये है।

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा कार्यान्वित IVFRT प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन (इमिग्रेशन), वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को आपस में जोड़ना और अनुकूलित (optimize) करना है।

IVFRT का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढांचे के भीतर आव्रजन और वीजा सेवाओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करते हुए वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है।

इस परियोजना को 13.05.2010 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था। यह योजना न केवल मौजूदा संरचना की पुनर्कल्पना और सुधार करके, बल्कि सुरक्षा वास्तुकला (security architecture) से समझौता किए बिना उपयोगकर्ता अनुभव को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी समाधान पेश करके मौजूदा IVFRT योजना के दायरे और क्षमता का विस्तार और सुदृढ़ीकरण करना चाहती है।

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