अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरानी राष्ट्रपति ने 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने 17 जून को वर्चुअली 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और प्रतिबंधों तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत की 60-दिन की प्रक्रिया शुरू करना है।

फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्साय (Palace of Versailles) में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इस समझौते पर हस्ताक्षर करना एक गहरा प्रतीकात्मक संदेश देता है। जिस स्थान ने 20वीं सदी के सबसे बड़े युद्ध (प्रथम विश्व युद्ध) को आधिकारिक रूप से समाप्त किया था, आज वही स्थान मध्य-पूर्व (Middle East) में दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करने का गवाह बना है। गौरतलब है कि वर्साय की संधि पर 1919 में इसी जगह हस्ताक्षर किये गए थे जिससे प्रथम विश्व युद्ध का अंत हुआ था। 

समझौते के मुख्य स्तंभ

मुख्य बिंदुविवरण
सैन्य विरामलेबनान सहित सभी क्षेत्रों में सैन्य अभियानों पर तत्काल और स्थायी रोक।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)ईरान शुरुआती 60 दिनों के लिए वाणिज्यिक जहाजों को मुफ्त और सुरक्षित मार्ग देगा, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा।
परमाणु प्रतिबद्धताईरान परमाणु हथियार बनाने या हासिल न करने के वादे पर अडिग रहेगा (जून 2025 में नतांज, फ़ोर्डो, अराक और इस्फ़ाहान पर अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान की परमाणु क्षमताएं पहले ही काफी सीमित हो चुकी हैं)।
आर्थिक पैकेजअमेरिका द्वारा ईरान के जमे हुए फंड को जारी करना, प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाना और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए $300 अरब डॉलर का सहायता कार्यक्रम।
समय सीमाप्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम पर एक अंतिम और स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की गई है।


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