11वें ‘आवर ओशन कॉन्फ्रेंस’ में मोम्बासा घोषणा-पत्र अपनाया गया

अफ्रीका, एशिया, कैरिबियन, यूरोप और प्रशांत क्षेत्र की सोलह राष्ट्रीय सरकारों ने 11वें ‘आवर ओशन कॉन्फ्रेंस’ (Our Ocean Conference) में मोम्बासा घोषणापत्र (Mombasa Declaration) को स्वीकार किया। इसके तहत वैश्विक मात्स्यिकी (Fisheries) पारदर्शिता को बढ़ावा देने और अवैध, गैर-रिपोर्टेड व अनियंत्रित (IUU) रूप से मछली पकड़ने की गतिविधियों के खिलाफ प्रयासों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह घोषणापत्र केन्या के मोम्बासा में आयोजित 11वें ‘आवर ओशन कॉन्फ्रेंस’ में अपनाया गया। 

मोम्बासा घोषणापत्र तटीय और ध्वजवाहक देशों (Flag States) के लिए मात्स्यिकी पारदर्शिता पर एक ‘कॉल टू एक्शन’ (कार्रवाई का आह्वान) है, जिसका मुख्य ध्यान जहाजों की जानकारी के बेहतर संग्रह व प्रसार पर और मात्स्यिकी डेटा तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने पर है। यह ‘ग्लोबल चार्टर फॉर फिशरीज ट्रांसपेरेंसी’ (Global Charter for Fisheries Transparency) को समर्थन और गति प्रदान करता है, जो कानून और व्यवहार में सरकारों द्वारा वैश्विक स्तर पर अपनाए जा सकने वाले 10 कम लागत या बिना लागत वाले नीतिगत सिद्धांतों की रूपरेखा तैयार करता है। इस हस्ताक्षर के साथ ही अन्य देशों को जोड़ने के लिए एक अभियान की शुरुआत की गई है, ताकि वे 2027 में होने वाले अगले ‘अवर ओशन कॉन्फ्रेंस’ से पहले इस प्रयास में शामिल हो सकें।

तटीय समुदाय, छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने वाले मछुआरे और समुद्री जीवों पर निर्भर अर्थव्यवस्थाएं इस अवैध (IUU) मात्स्यिकी गतिविधि की मार सबसे ज्यादा झेलती हैं, जिससे उनकी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र के दीर्घकालिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा होता है। मोम्बासा घोषणापत्र पारदर्शिता के व्यावहारिक उपायों को आगे बढ़ाकर इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है।

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