पूर्वोत्तर अमेरिका में उल्कापिंड (बोलाइड) के कारण सुनाई दी ‘सोनिक बूम’

नासा (NASA) ने उपग्रह चित्रों की जाँच करने के बाद पुष्टि की है कि हाल ही में पूर्वोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका में सुनाई दी तेज ‘सोनिक बूम’ (ध्वनि गर्जना) एक उल्का (meteor) के कारण थी। 30 मई को पूर्वोत्तर अमेरिका में व्यापक रूप से सुनाई दी यह गूँज एक उल्कापिंड की थी। नासा ने ‘अमेरिकन मिटिओर सोसाइटी’ को मिली प्रत्यक्षदर्शियों की रिपोर्ट और ‘नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (NOAA) के GOES-19 उपग्रह से प्राप्त छवियों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला।

कभी-कभी उल्काएं ‘उल्का बौछारों’ (meteor showers) से जुड़ी होती हैं, जो पृथ्वी के किसी धूमकेतु या क्षुद्रग्रह की धूल की धारा से गुजरने पर दिखाई देने वाली उल्काओं का वार्षिक समूह होता है। नासा ने स्पष्ट किया कि 30 मई की यह घटना ऐसी किसी बौछार का हिस्सा नहीं थी। प्राकृतिक उल्काएं बाह्य अंतरिक्ष की चट्टानों से उत्पन्न होती हैं: वायुमंडल में प्रवेश करने वाली अंतरिक्ष चट्टान को ‘मिटिओरॉइड’ (meteoroid) कहा जाता है, वायुमंडल से गुजरते समय इसे ‘मिटिओर’ (meteor) कहा जाता है, और जो जमीन पर पहुँच जाती है उसे ‘मिटिओराइट’ (meteorite) कहा जाता है।‘बोलाइड’ (bolide) एक अत्यंत चमकीली उल्का होती है जो पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय विस्फोटित हो जाती है या टुकड़ों में टूट जाती है। ऐसी घटनाएं अक्सर तीव्र चमक पैदा करती हैं जो लंबी दूरी से दिखाई देती हैं और इतनी शक्तिशाली सोनिक बूम उत्पन्न कर सकती हैं कि घर हिल जाएं और खिड़कियां खड़खड़ाने लगें। उल्का विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि छोटी उल्काएं नियमित रूप से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती हैं, लेकिन बड़े ‘बोलाइड’, जो सुनाई देने वाली शॉकवेव पैदा करने में सक्षम होते हैं, काफी कम देखने को मिलते हैं।

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