IMF ने ‘एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी’ के तहत श्रीलंका को 695 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता दी

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने श्रीलंका को अपनी ‘विस्तारित निधि सुविधा’ (Extended Fund Facility – EFF) कार्यक्रम के तहत 695 मिलियन अमेरिकी डॉलर की किश्त जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी तब दी गई है जब श्रीलंका विदेशी भुगतान और आयात नियंत्रण से जुड़ी दो प्रमुख शर्तों को पूरा करने में विफल रहा।

चूक का कारण क्या रहा?

कार्यक्रम की पांचवीं और छठी समीक्षा पूरी करने के बाद जारी एक बयान में IMF ने बताया कि श्रीलंका दो मापदंडों पर खरा नहीं उतरा:

  1. बाह्य भुगतान बकाया (External payment arrears): श्रीलंका ने कोई नया बकाया न रखने की शर्त का पालन नहीं किया।
  2. आयात प्रतिबंध: श्रीलंका ने आयात प्रतिबंधों को न बढ़ाने या उन्हें कम करने की शर्त का पालन नहीं किया।

श्रीलंका का पक्ष: श्रीलंका सरकार ने बताया कि नवंबर 2025 से ऑस्ट्रेलिया को दिए जाने वाले 2.5 मिलियन डॉलर के ऋण का भुगतान तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो पाया। श्रीलंका के ट्रेजरी को एक साइबर अपराध (Cybercrime) का निशाना बनाया गया था, जिसके चलते यह चूक हुई। श्रीलंका ने इसे मामूली चूक बताते हुए ‘वेवर’ (छूट) का अनुरोध किया है और कहा है कि सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।

एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी  (EFF) क्या है?

  • उद्देश्य: यह सुविधा उन देशों को वित्तीय मदद देती है जो संरचनात्मक कमजोरियों (structural weaknesses) के कारण मध्यम अवधि में ‘भुगतान संतुलन’ (balance of payments) की गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
  • विशेषताएँ: इसमें सुधारों को लागू करने के लिए लंबी अवधि की सहायता और ऋण चुकाने के लिए लंबा समय मिलता है।
  • पात्रता: कोई भी सदस्य देश जिसे बाह्य वित्तपोषण (external financing) की आवश्यकता है, इसका लाभ उठा सकता है। इस सुविधा का उपयोग आमतौर पर विकसित और उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं द्वारा किया जाता है, हालाँकि कम आय वाले देश भी ‘विस्तारित ऋण सुविधा’ (ECF) के साथ-साथ इसका लाभ उठा सकते हैं।
  • शर्तें: इस सुविधा के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान तभी होता है जब देश निर्धारित ‘मात्रात्मक प्रदर्शन मानदंडों’ (quantitative performance criteria) का पालन करता है।
error: Content is protected !!