केन्या में माउंटेन बोंगो की वापसी

केन्या के पर्वतीय जंगलों में पाए जाने वाले दुर्लभ मृग (Antelope), माउंटेन बोंगो (Mountain Bongo) के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चेक गणराज्य से चार माउंटेन बोंगो को केन्या वापस भेजा गया है। 

विशेषताएं: दुनिया का सबसे बड़ा वन मृग

  • स्वरूप: माउंटेन बोंगो एक बड़ा और भारी मृग है, जिसका रंग गहरा लाल (Chestnut-red) या कत्थई (Auburn) होता है।
  • पहचान: इसके शरीर पर 10 से 15 संकीर्ण सफेद खड़ी धारियां (Vertical stripes) होती हैं और इसके सींग लंबे व सर्पिलाकार (Spiral) होते हैं।
  • उप-प्रजातियां: वर्तमान में इसकी दो उप-प्रजातियां पहचानी जाती हैं—माउंटेन (पूर्वी) बोंगो और लोलैंड (पश्चिमी) बोंगो। 

संरक्षण की स्थिति: लुप्तप्राय प्रजाति

  • संकट: अवैध शिकार (Poaching) और बीमारियों के कारण इसे क्रिटिकली एंडेंजर्ड घोषित किया गया है।
  • संख्या: केन्या सरकार के अनुसार, जंगली अवस्था में अब 100 से भी कम माउंटेन बोंगो बचे हैं।

इतिहास: 1980 के दशक में ‘रिंडरपेस्ट’ (Rinderpest) बीमारी के प्रकोप के कारण हजारों बोंगो मारे गए थे। उस समय इनकी आबादी को बचाने के लिए कई बोंगो को यूरोप भेज दिया गया था।

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