अमेरिका ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए भारत को प्राथमिकता निगरानी सूची में रखा
संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights – IPR) के लिए अपनी 2026 की ‘प्रायोरिटी वॉच लिस्ट’ (Priority Watch List) में रखा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है, जिसमें भारत में आईपी संरक्षण और प्रवर्तन (enforcement) को लेकर लगातार बनी चिंताओं को रेखांकित किया गया है।
यह वार्षिक रिपोर्ट इस बात की समीक्षा करती है कि अमेरिकी व्यापारिक साझेदार पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क जैसे आईपी अधिकारों की सुरक्षा कितनी प्रभावी ढंग से कर रहे हैं। इस वर्ष, कुल छह देशों को इस सूची में रखा गया है: चिली, चीन, भारत, इंडोनेशिया, रूस और वेनेजुएला।
भारत से जुड़ी मुख्य चिंताएं
अमेरिका ने स्वीकार किया है कि भारत ने बौद्धिक संपदा संरक्षण में कुछ प्रगति की है, लेकिन कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं:
- पेटेंट प्रणाली में खामियां: रिपोर्ट में पेटेंट आवेदनों में देरी, सख्त नियम (जिनके कारण आवेदन खारिज हो जाते हैं) और पेटेंट रद्द होने की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है।
- कमजोर प्रवर्तन (Weak Enforcement): पायरेसी (Piracy) और जालसाजी (Counterfeiting) का जारी रहना और विभिन्न एजेंसियों के बीच सीमित समन्वय।
- व्यापारिक बाधाएं: बौद्धिक संपदा से जुड़े उत्पादों पर उच्च आयात शुल्क (Import Duties)।
- कानूनी प्रक्रिया में देरी: ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से जुड़े अदालती मामलों के निपटारे में लंबा समय लगना।
- गोपनीयता संबंधी मुद्दे: ट्रेड सीक्रेट्स और टेस्ट डेटा की सुरक्षा में अंतराल।
वैश्विक परिदृश्य
इस रिपोर्ट के माध्यम से अन्य देशों की स्थिति में भी बदलाव देखे गए हैं:
- वॉच लिस्ट (Watch List) में शामिल: सुधार के बाद अर्जेंटीना और मैक्सिको को ‘प्रायोरिटी वॉच लिस्ट’ से हटाकर ‘वॉच लिस्ट’ में डाल दिया गया है।
- नया जुड़ाव: यूरोपीय संघ (EU) को इस सूची में जोड़ा गया है।
- हटाया गया देश: बुल्गारिया को इस सूची से बाहर कर दिया गया है।


