सरकार ने डीजल और ATF पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) घटाया
भारत सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर निर्यात शुल्क (Export Duty) में कटौती की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी यह अधिसूचना आज से प्रभावी हो गई है।
निर्यात शुल्क की नई दरें
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को संशोधित किया है:
- डीजल: अब 23 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगेगा।
- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF): इस पर 33 रुपये प्रति लीटर का शुल्क निर्धारित किया गया है।
- पेट्रोल: पेट्रोल पर कोई निर्यात शुल्क नहीं लगेगा, इसकी स्थिति अपरिवर्तित रखी गई है।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
निर्यात लेवी (जैसे SAED और सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर) को 27 मार्च, 2026 से लागू किया गया था।
- घरेलू उपलब्धता: इन शुल्कों का प्राथमिक उद्देश्य पश्चिमी एशिया (West Asia) संकट के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
- निर्यात को हतोत्साहित करना: उच्च निर्यात शुल्क लगाकर कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने के बजाय घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।
उपभोक्ताओं पर प्रभावमंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका अर्थ है कि इस कटौती का सीधा लाभ उन तेल रिफाइनिंग कंपनियों को मिलेगा जो विदेशों में ईंधन निर्यात करती हैं, जबकि घरेलू खुदरा कीमतों पर इसका तत्काल प्रभाव पड़ने की संभावना कम है।


