प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के पात्रता मानदंडों का विस्तार
केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्योग के लिए उनकी तैयारी में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) के तहत पात्रता का विस्तार किया है, जिसमें अब स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी शामिल किया गया है।
योजना के पायलट चरण के दौरान पेश किया गया यह बदलाव अंतिम वर्ष के छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों में सवेतन (paid) इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है।
प्रमुख शर्तें और विवरण:
- पात्रता: आवेदकों को मौजूदा पात्रता मानदंडों को पूरा करना जारी रखना होगा।
- अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): छात्रों को अपने शैक्षणिक संस्थानों से एक NOC जमा करना होगा, जो यह पुष्टि करेगा कि इंटर्नशिप उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं में बाधा नहीं डालेगी।
- अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता: यह प्रमाण पत्र विभागाध्यक्षों (HOD), डीन, प्रधानाचार्यों या प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारियों जैसे अधिकृत अधिकारियों द्वारा जारी किया जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह कदम भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा के प्रमुख घटकों के रूप में अनुभवात्मक शिक्षण (experiential learning) और औद्योगिक अनुभव (industry exposure) पर जोर देती है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बारे में:
यह भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसे देश भर के युवाओं को संरचित और सवेतन इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस योजना के भाग के रूप में:
- इंटर्न को प्रति माह न्यूनतम ₹9,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
- भारत में विभिन्न क्षेत्रों की शीर्ष कंपनियों में सवेतन इंटर्नशिप उपलब्ध कराई जाएगी।


