जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के 784 प्रावधान शामिल हैं।
मुख्य विशेषताएं:
- अपराधीकरण की समाप्ति: यह विधेयक मामूली प्रक्रियात्मक चूकों के लिए आपराधिक दंड को हटाता है और उनके स्थान पर नागरिक दंड (civil penalties) या प्रशासनिक तंत्र लागू करता है।
- जीवन की सुगमता (Ease of Living): विधेयक में ‘ईज ऑफ लिविंग’ में सुधार के उद्देश्य से संशोधन पेश किए गए हैं, जिसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और नई दिल्ली नगर परिषद अधिनियम, 1994 के तहत सुधार शामिल हैं।
- MSME को राहत: यह दंड से पहले सलाहकारी नोटिस और चेतावनी जैसे क्रमबद्ध प्रवर्तन (graded enforcement) की शुरुआत करके MSMEs और व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को कम करता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इस सुधार पहल की शुरुआत जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2023 के लागू होने के साथ हुई थी। उस समय 42 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन किया गया था। 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया था, जिसमें कारावास की जगह मौद्रिक दंड (monetary penalties) और अन्य प्रशासनिक तंत्र अपनाए गए थे। यह कई कानूनों के तहत मामूली और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए आपराधिक परिणामों को व्यवस्थित रूप से हटाने का पहला समेकित विधायी प्रयास था।


