साधना सप्ताह 2026

भारत सरकार द्वारा 2 से 8 अप्रैल 2026 तक ‘साधना’ (Sādhana) यानी ‘स्ट्रेंथनिंग अडैप्टिव डेवलपमेंट एंड ह्यूमेन एप्टीट्यूड फॉर नेशनल एडवांसमेंट’ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह भारत की सबसे बड़ी सहयोगात्मक क्षमता निर्माण पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित शासन के लिए आवश्यक कौशल को बढ़ावा देना है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), क्षमता निर्माण आयोग (CBC) और कर्मयोगी भारत द्वारा आयोजित यह पहल केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्रशिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच पर लाती है ताकि एक उत्तरदायी शासन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा सके।


मिशन कर्मयोगी के पांच वर्ष और ‘हम बनें कर्मयोगी’ का संकल्प

“हम बनें कर्मयोगी” टैगलाइन के साथ यह पहल क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस और मिशन कर्मयोगी के पांच सफल वर्षों का प्रतीक है। मिशन कर्मयोगी, जिसे ‘राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ के रूप में भी जाना जाता है, एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य सिविल सेवा को:

  • नियम-आधारित दृष्टिकोण से हटाकर भूमिका-आधारित (Role-based) बनाना।
  • पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार करना।
  • दक्षता और योग्यताओं (Competencies) द्वारा संचालित करना।

मिशन कर्मयोगी

मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें सरकार की मानव संसाधन नींव को मजबूत करके शासन में बदलाव लाने की परिकल्पना की गई है। इस मिशन को दो प्रमुख संस्थानों का सहयोग प्राप्त है:

  1. क्षमता निर्माण आयोग (स्थापना 2021): यह मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को उनकी क्षमता निर्माण योजनाओं को तैयार करने और लागू करने में सहायता करता है।
  2. कर्मयोगी भारत (स्थापना 2022): यह एक ‘स्पेशल पर्पस व्हीकल’ (SPV) है, जो iGOT डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के प्रबंधन और संचालन के लिए जिम्मेदार है।
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