मतदान के दिन सवेतन अवकाश
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति, जो लोकसभा, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा या किसी संसदीय/विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मतदान करने का पात्र है, उसे मतदान के दिन सवेतन अवकाश (Paid Holiday) दिया जाएगा।
मुख्य प्रावधान:
- वेतन में कटौती नहीं: ऐसे सवेतन अवकाश के कारण कर्मचारी के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
- नियोक्ता पर दंड: यदि कोई नियोक्ता इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो वह जुर्माने का भागीदार होगा।
- दिहाड़ी और आकस्मिक श्रमिक: सभी दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक श्रमिक (Casual workers) भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश के पात्र हैं।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण: आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
- वे मतदाता (दिहाड़ी और आकस्मिक श्रमिकों सहित) जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर स्थित औद्योगिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम कर रहे हैं, लेकिन उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं जहाँ मतदान हो रहा है, वे भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश के पात्र होंगे।
- इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे बिना किसी आर्थिक हानि के अपना वोट डाल सकें।
कार्यान्वयन के निर्देश: आयोग ने सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे इन प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि सभी मतदाता स्वतंत्र और सुविधाजनक रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।


