एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशल्स की राजधानी विक्टोरिया में स्थित ‘सेशल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन’ के ‘जायंट टॉर्टोइज एन्क्लोजर’ (विशालकाय कछुआ बाड़े) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच सदियों पुराने और गहरे द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की मूल प्रजाति ‘एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज’ (Aldabra Giant Tortoise) और भारत के बीच के खास जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि इस द्वीप राष्ट्र द्वारा भारत को तोहफे में दिए गए ये कछुए दोनों देशों के बीच की अटूट दोस्ती का प्रतीक हैं।
दो सदियों से अधिक का जीवन
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अद्भुत जीव की विशेषताओं पर बात करते हुए कहा कि एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज पृथ्वी पर सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले जीवों में से एक हैं, जिनमें से कुछ कछुओं का जीवनकाल दो शताब्दियों (200 वर्ष) से भी अधिक का होता है।
उन्होंने दोनों देशों के सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को याद करते हुए बताया:
- कोलकाता को मिला तोहफा: वर्ष 2014 में सेशेल्स ने कोलकाता के प्रसिद्ध ‘अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन’ को दो एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज उपहार में दिए थे।
- हैदराबाद में नए मेहमान: इसके कुछ वर्षों बाद, सेशेल्स द्वारा कछुओं की एक और खेप हैदराबाद के ‘नेहरू जूलॉजिकल पार्क’ को सौंपी गई थी।
क्या है एल्डबरा कछुओं की खासियत और ‘आइलैंड जाइंटिज्म’?
वैज्ञानिक रूप से ‘एल्डब्राचेलिस जाइंटिया’ (Aldabrachelys gigantea) के नाम से जाने जाने वाले ये कछुए दुनिया के सबसे बड़े स्थलीय कछुओं में शुमार हैं।
- प्राकृतिक पर्यावास: ये कछुए प्राकृतिक रूप से केवल हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स के सुदूर ‘एल्डबरा एटोल’ (Aldabra Atoll) द्वीप पर पाए जाते हैं। इस अलग-थलग और सुरक्षित पर्यावास के कारण ही यह प्रजाति सदियों से बची रही, जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों से विशालकाय कछुओं की कई प्रजातियां समय के साथ विलुप्त हो गईं।
- आइलैंड जाइंटिज्म (Island Gigantism): इन कछुओं के इतने विशाल आकार के पीछे एक खास वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे ‘आइलैंड जाइंटिज्म’ कहा जाता है। चूंकि इस सुदूर द्वीप पर इनका शिकार करने वाले बड़े शिकारी जीव नहीं थे और भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद कम थी, इसलिए कई पीढ़ियों के विकासवादी सफर (Evolution) के बाद ये कछुए इतने विशालकाय सरीसृप बन गए।
- शारीरिक भिन्नता: इस प्रजाति में नर कछुए, मादा कछुओं की तुलना में काफी बड़े होते हैं और उनकी पूंछ भी अधिक लंबी और मोटी होती है।
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