शेखा झील पक्षी विहार को भारत का 99वां रामसर स्थल घोषित किया गया

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने उत्तर प्रदेश की शेखा झील पक्षी विहार (Shekha Jheel Bird Sanctuary) को रामसर स्थल के रूप में नामित करने की घोषणा की है।

मुख्य विशेषताएं

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: यह उत्तर प्रदेश का 12वां और भारत का 99वां रामसर स्थल है, जो भारत को 100 रामसर स्थलों के ऐतिहासिक आंकड़े के और करीब ले आता है।
  • उत्तर प्रदेश का स्थान: 12 स्थलों के साथ उत्तर प्रदेश अब भारत में सर्वाधिक रामसर-नामित आर्द्रभूमि (wetlands) वाला अग्रणी राज्य बन गया है।
  • अवस्थिति: यह अभयारण्य उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित है। 

पारिस्थितिक दृष्टि से महत्व

  • सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (Central Asian Flyway): शेखा झील सेंट्रल एशियन फ्लाईवे पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव (stopover) के रूप में कार्य करती है। यह साइबेरिया और भारतीय उपमहाद्वीप के बीच यात्रा करने वाले पक्षियों के लिए एक प्रमुख मार्ग है।
  • प्रवासी पक्षी: शीत ऋतु के दौरान यह बार-हेडेड गूज़ (Bar-headed Goose), पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork) और विभिन्न प्रकार की बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावास प्रदान करती है।
  • लाभ: इस समावेश से स्थानीय आजीविका, वैश्विक जैव विविधता, साथ ही जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। 

रामसर स्थलों के बारे में

  • परिचय: रामसर स्थल वे आर्द्रभूमियाँ हैं जिन्हें ‘अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची’ में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
  • रामसर कन्वेंशन: यह 1971 में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसका प्राथमिक लक्ष्य दुनिया भर में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके उत्तरदायी उपयोग (Wise use) को बढ़ावा देना है।
  • चयन के मानदंड: किसी आर्द्रभूमि को रामसर का दर्जा प्राप्त करने के लिए कुछ वैश्विक मानदंडों को पूरा करना होता है:
    • कन्वेंशन सबसे पहले यह देखता है कि क्या आर्द्रभूमि दुर्लभ, विशिष्ट या अपने प्रकार का एक अच्छा उदाहरण है।
    • अन्य आठ मानदंड इस बात पर केंद्रित हैं कि वह स्थल वन्यजीवों और जैव विविधता का कितनी अच्छी तरह समर्थन करता है।
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