UK ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की घोषणा की
यूनाइटेड किंगडम सरकार ने 16 वर्ष से कम आयु के किशोरों के लिए हाई-रिस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुँच पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसे 2027 की शुरुआत में लागू किया जाएगा। यूके अब ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और कुछ अन्य देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू किए हैं। यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस कदम को एक “बड़ा क्षण” बताया, जो बच्चों और उनके भविष्य के लिए “वास्तविक बदलाव” लाएगा। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य युवाओं को उनका बचपन वापस लौटाना है।
सरकार का कहना है कि वह सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध से कहीं आगे जाएगी और 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए “लाइवस्ट्रीमिंग और अजनबियों से बातचीत जैसे हानिकारक गतिविधियों” को ब्लॉक कर देगी। आधिकारिक बयानों के अनुसार, ये प्रतिबंध गेमिंग साइटों सहित ऑनलाइन सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर लागू होंगे। दुनिया भर में अधिकांश प्रतिबंध आयु-आधारित हैं, जो मुख्य रूप से 16 या 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों पर लागू होते हैं। चीन और ईरान में मुख्य रूप से अमेरिकी-आधारित प्लेटफॉर्म्स पर पूर्ण राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध मौजूद हैं। भारत ने 2020 में टिकटॉक (TikTok) को बैन कर दिया था।
मुख्य चिंताएं
हालांकि, इन उपायों से बचने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) जैसे उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं जताई गई हैं।
डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं ने प्लेटफॉर्म्स के साथ व्यक्तिगत डेटा साझा करने की अनिवार्यता पर गोपनीयता (प्राइवेसी) संबंधी चिंताएं भी उठाई हैं।
यूट्यूब (YouTube), स्नैपचैट (Snapchat) और फेसबुक (Facebook) व इंस्टाग्राम (Instagram) की मालिक कंपनी मेटा (Meta) ने कहा है कि प्रतिबंध किशोरों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लक्ष्य को हासिल नहीं करेगा। इसके बजाय, उन्होंने चेतावनी दी है कि यह उन्हें “कम सुरक्षित” प्लेटफॉर्म्स की ओर धकेल सकता है।


