गुजरात में एथलीटों का जीनोम डेटाबेस तैयार होगा

जैसे-जैसे गुजरात 2030 की ओर बढ़ रहा है, जब वह पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी करेगा, राज्य सरकार राज्य के प्रतिभाशाली एथलीटों के ‘होल जीनोम सीक्वेंसिंग’ (Whole Genome Sequencing) करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य एंड्योरेंस (सहनशक्ति) और पावर स्पोर्ट्स (शक्ति वाले खेल) से जुड़े आनुवंशिक संकेतों (जेनेटिक मार्कर्स) की पहचान करना और उन्हें रिकॉर्ड करना है।

अपनी तरह की इस पहली परियोजना का लक्ष्य प्रतिभा की जल्दी पहचान करना, एक एथलीट जीनोम डेटाबेस तैयार करना और उन राज्यों में व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना है, जहाँ क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • नेतृत्व: यह ‘स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम’ राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (GBRC) द्वारा खेल प्राधिकरण (SAG) के समन्वय से चलाया जा रहा है।
  • वैज्ञानिक आधार: GBRC के निदेशक डॉ. स्नेहिल बगथारिया के अनुसार, एथलेटिक प्रदर्शन में आनुवंशिक कारकों का योगदान 66% तक होता है। 2023 के एक अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 128 जेनेटिक मार्कर्स का एथलीट के स्तर के साथ सकारात्मक संबंध देखा गया है, जिनमें से 41 एंड्योरेंस, 45 पावर और 42 स्ट्रेंथ (ताकत) से संबंधित थे।
  • बजट और लक्ष्य: इस पांच वर्षीय कार्यक्रम के लिए 26.05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। GBRC हर साल कम से कम 2,000 नमूने एकत्र करेगा, जिससे पांच वर्षों में कुल 10,000 नमूने तैयार होंगे।
  • कवरेज: ये नमूने 10 खेलों (5 एंड्योरेंस और 5 पावर स्पोर्ट्स) को कवर करेंगे। राज्य के सभी जिलों से इन खेलों के एथलीटों की पहचान की जाएगी।

परियोजना के उद्देश्य:

  1. गुजरात एथलीट जीनोम डेटाबेस: जीनोटाइप, शारीरिक और प्रदर्शन डेटा को एकीकृत करना।
  2. चोटों का आकलन: चोट लगने के आनुवंशिक जोखिम कारकों की पहचान करना और पुनर्वास (Rehabilitation) प्रोटोकॉल तैयार करना।
  3. अनुकूलन (Adaptation): एथलेटिक अनुकूलन को प्रभावित करने वाले लिंग और आयु-संबंधी जीनोमिक अंतरों को समझना।
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