सिरटोडेक्टाइलस जयदित्यई

असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने उत्तरी त्रिपुरा के निचले इलाकों के जंगलों से बेंट-टोड गेको (मुड़े हुए पंजों वाली छिपकली) की एक नई प्रजाति, ‘सिरटोडेक्टाइलस जयदित्यई’ (Cyrtodactylus jayadityai sp nov) का वर्णन किया है। यह भारत की समृद्ध सरीसृप विविधता में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह अध्ययन 14 अप्रैल को ‘यूरोपीय जर्नल ऑफ टैक्सोनॉमी’ में प्रकाशित हुआ था।

यह खोज रूपात्मक (morphological), सांख्यिकीय और आणविक विश्लेषणों के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से की गई थी। इन विश्लेषणों ने पुष्टि की कि यह प्रजाति अपने निकटतम संबंधी, ‘सिरटोडेक्टाइलस त्रिपुराएंसिस’ (Cyrtodactylus tripuraensis) से अलग है, जिसमें माइटोकॉन्ड्रियल ND2 जीन में 4.7-5.2 प्रतिशत का आनुवंशिक अंतर पाया गया है।

इस नई प्रजाति के जुड़ने के साथ, उत्तर-पूर्वी भारत में सिरटोडेक्टाइलस प्रजातियों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जो इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट के हिस्से के रूप में इस क्षेत्र के वैश्विक महत्व को और मजबूत करती है। इस प्रजाति का नाम प्रसिद्ध भारतीय हर्पेटोलॉजिस्ट (सरीसृप विज्ञानी) डॉ. जयदित्य पुरकायस्थ के सम्मान में रखा गया है, जो इस क्षेत्र में सरीसृप अनुसंधान और संरक्षण में उनके विशाल योगदान को मान्यता देता है।

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