SeA Care प्रोजेक्ट: महासागरों में एंटीबायोटिक प्रतिरोध और प्रदूषण

‘SeA Care’ प्रोजेक्ट के हालिया अध्ययन के अनुसार, एंटीबायोटिक प्रतिरोध से जुड़े जीन भूमध्य सागर (Mediterranean), अटलांटिक, आर्कटिक और अन्य क्षेत्रों सहित कई महासागरों में मौजूद हैं। व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों और घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्रों के पास इनकी सांद्रता (concentration) अधिक पाई गई है।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष:

  • महासागरों की भूमिका: परिणाम बताते हैं कि महासागर जमीन से उत्पन्न प्रदूषण के लिए एक “वैश्विक भंडार” (global reservoir) के रूप में कार्य करते हैं। ये महासागर एंटीबायोटिक के उपयोग और शहरी कचरे के आनुवंशिक निशानों को उनके स्रोत से बहुत दूर तक ले जाते हैं।
  • अन्य प्रदूषक: 8 जून को रोम में इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट (ISS) द्वारा आयोजित महासागर और मानव स्वास्थ्य पर एक मंच में प्रस्तुत इस अध्ययन में, खुले महासागरों और सुदूर क्षेत्रों में भी निम्नलिखित तत्व पाए गए:
    • माइक्रोप्लास्टिक्स।
    • PFAS (जिन्हें “फॉरएवर केमिकल्स” कहा जाता है)।
    • SARS-CoV-2 (कोरोना वायरस) के आनुवंशिक अवशेष।

SeA Care प्रोजेक्ट क्या है? यह इटली के नेतृत्व वाली एक पहल है जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के संबंध को जोड़ती है। यह एक “वैश्विक महासागर निगरानी प्रणाली” (global ocean monitoring system) बनाने के लिए ISS, इतालवी नौसेना और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान केंद्रों जैसे संस्थानों को एक साथ लाती है।

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