2025-26 में 55,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिली: वाणिज्य मंत्रालय

भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष (FY) 2025-26 के दौरान 55 हजार से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी है, जो स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत के बाद से एक ही वर्ष में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की सबसे अधिक संख्या है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 31 मार्च तक स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की कुल संख्या 2 लाख 23 हजार के पार पहुंच गई है, जिससे 23 लाख 36 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।

प्रमुख सांख्यिकीय वृद्धि:

  • वार्षिक वृद्धि: वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या में 51.6% की वृद्धि हुई है।
  • रोजगार सृजन: इसी अवधि के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार सृजन में 36.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

स्टार्टअप मान्यता ढांचे में संशोधन (फरवरी 2026):

स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान को और मजबूत करने के लिए सरकार ने पात्रता मानदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

  • टर्नओवर सीमा में वृद्धि: सामान्य स्टार्टअप मान्यता के लिए टर्नओवर की सीमा ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दी गई है।
  • “डीप टेक स्टार्टअप” (Deep Tech Startup) उप-श्रेणी: अत्याधुनिक और क्रांतिकारी तकनीकों पर काम करने वाली संस्थाओं के लिए यह नई श्रेणी शुरू की गई है।
    • प्रारंभ काल: लंबी विकास अवधि (gestation period) को देखते हुए, इनके लिए प्रारंभ सीमा (निगमीकरण तीती) को पंजीकरण की तिथि से 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है।
    • टर्नओवर: इस श्रेणी के लिए टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर ₹300 करोड़ कर दिया गया है।
  • सहकारी समितियों का समावेश: अब मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सहकारी समितियां भी स्टार्टअप मान्यता के लिए पात्र हैं। 

पृष्ठभूमि:‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल की शुरुआत 16 जनवरी, 2016 को हुई थी। इसका उद्देश्य देश में नवाचार को बढ़ावा देने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) तैयार करना है।

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