ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा (Operation Urja Suraksha) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से भारत आने वाले ऊर्जा शिपमेंट की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित रास्ता दिखाना है। ईरान द्वारा इस क्षेत्र की नाकेबंदी के बाद यह कदम उठाया गया है।

ऑपरेशन का उद्देश्य और रणनीति

  • ऊर्जा सुरक्षा: यह ऑपरेशन भारत आने वाले एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) और कच्चे तेल (Crude Oil) ले जाने वाले जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए है।
  • गोपनीयता और सटीकता: अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन अत्यधिक सटीकता और न्यूनतम प्रचार के साथ चलाया जा रहा है ताकि भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारतीय नौसेना ने कई महत्वपूर्ण जहाजों को सुरक्षित रास्ता (Escort) प्रदान किया है:

  • एलपीजी वाहक (LPG Carriers): ‘पाइन गैस’ (Pine Gas) और ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) को सुरक्षित निकाला गया है, जो लगभग 92,000 टन कुकिंग गैस ले जा रहे हैं। ये जहाज 26 और 27 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुँचने की उम्मीद है।
  • अन्य जहाज: एलपीजी वाहक ‘शिवालिक’ (Shivalik) और ‘नंदा देवी’ (Nanda Devi) के साथ-साथ कच्चे तेल के टैंकर ‘जग लाडकी’ (Jag Laadki) को भी सुरक्षित एस्कॉर्ट किया गया है।
error: Content is protected !!