अभ्यास ‘अमोघ ज्वाला’

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान (Southern Command) ने उत्तर प्रदेश के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास ‘अमोघ ज्वाला’ (Exercise Amogh Jwala) का आयोजन किया।

यह सैन्य अभ्यास एक ‘मल्टी-डोमेन’ परिचालन वातावरण में अटैक हेलीकॉप्टरों, लड़ाकू विमानों, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और उन्नत युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियों के एकीकृत उपयोग के माध्यम से उच्च-तीव्रता वाले मशीनीकृत संचालन (high-tempo mechanised operations) को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था।

अभ्यास की मुख्य विशेषताएं:

  • एकीकृत प्रहार: इसमें गोलाबारी (fire) और युद्धाभ्यास (manoeuvre) के बीच सटीक समन्वय स्थापित किया गया।
  • तकनीकी निगरानी: रीयल-टाइम ड्रोन-आधारित निगरानी और लक्ष्य प्राप्ति (target acquisition) का सफल प्रदर्शन किया गया।
  • बहु-आयामी सुरक्षा: इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW), एयर डिफेंस (AD) और रात में लड़ने की क्षमताओं (night-fighting capabilities) का निर्बाध एकीकरण किया गया।
  • भविष्य की तैयारी: रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास एक नेटवर्कयुक्त और ‘फ्यूचर रेडी’ (Future Ready) बल की बढ़ती युद्ध क्षमता को दर्शाता है।
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