सरकार ने MSME को सहायता देने के लिए क्रेडिट गारंटी योजना में संशोधन किया

सरकार ने बजट 2025-26 के अनुरूप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सहायता प्रदान करने के लिए पारस्परिक क्रेडिट गारंटी योजना (Mutual Credit Guarantee Scheme) में संशोधन किया है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य विनिर्माण और निर्यात उन्मुख इकाइयों के लिए ऋण तक पहुंच में सुधार करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

योजना के मुख्य संशोधन और विशेषताएं:

  • गारंटी कवरेज: इस योजना के तहत, नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) पात्र MSMEs को उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये तक की ऋण सुविधाओं के लिए 60% गारंटी कवरेज प्रदान करती है।
  • वापसी योग्य योगदान (Refundable Contribution): संशोधित मानदंडों के तहत, 5% अग्रिम योगदान (upfront contribution) को अब रिफंडेबल बना दिया गया है। ऋण के संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर, चौथे वर्ष से हर साल इस राशि का 1% वापस किया जाएगा।
  • विस्तारित पात्रता: अब इस योजना के दायरे में सेवा क्षेत्र (Service Sector) के MSMEs को भी शामिल किया गया है।
  • मशीनरी निवेश में छूट: मशीनरी और उपकरणों के लिए न्यूनतम परियोजना लागत की आवश्यकता को पहले के 75% से घटाकर 60% कर दिया गया है।
  • लक्षित प्रोत्साहन: वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन बदलावों से अनुपालन का बोझ कम होगा और निर्यातक MSMEs को लक्षित प्रोत्साहन मिलेगा।
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