भारत में वर्ष 2025 में जानवरों की रिकॉर्ड 709 नई प्रजातियां रिकॉर्ड की गईं
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India – ZSI) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2025 में अपने राष्ट्रीय डेटाबेस में 709 जानवर प्रजातियों को जोड़ा है, जो व्यवस्थित गणना शुरू होने के बाद से एक ही वर्ष में दर्ज की गई सर्वाधिक संख्या है। इस आंकड़े में विज्ञान के लिए बिल्कुल नई 483 प्रजातियाँ और भारत में पहली बार दर्ज की गई 226 प्रजातियाँ शामिल हैं। इन निष्कर्षों को भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के 111वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान ‘एनिमल डिस्कवरीज़: न्यू स्पीशीज़, न्यू रिकॉर्ड्स’ नामक रिपोर्ट में जारी किया गया।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
इन नई प्रजातियों के जुड़ने के साथ, भारत की दर्ज की गई जंतु विविधता अब 105,953 प्रजातियों और उपप्रजातियों तक पहुँच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह दुनिया भर में दर्ज कुल 1,679,523 जानवर प्रजातियों का लगभग 5.3% है।
हाइमनोप्टेरा (Hymenoptera), वह समूह जिसमें मधुमक्खियाँ, ततैया, चींटियाँ और सॉफ़्लाई (sawflies) शामिल हैं, 106 प्रजातियों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर रहा।
इसके बाद लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera), जिसमें तितलियाँ और मॉथ (पतंगे) शामिल हैं, 65 रिकॉर्ड्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
डिप्टेरा (Diptera), वह समूह जिसमें मक्खियाँ और मच्छर शामिल हैं, और अराक्निड्स (arachnids), जिसमें मकड़ियाँ, बिच्छू, किलनी (ticks) और घुन (mites) शामिल हैं, में से प्रत्येक से 64 निष्कर्ष (खोजें) दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कीट-पतंगों, विशेष रूप से भृंगों (beetles), मॉथ और मधुमक्खियों की भारत के जंतु रजिस्टर में सबसे अधिक विविधता है, जबकि रीढ़ की हड्डी वाले जीवों (vertebrates) में मछलियां सबसे आगे हैं।
केरल ने 2025 में 98 नई प्रजातियों के साथ सबसे अधिक संख्या में नई जंतु प्रजातियों को दर्ज किया। इसने 2024 में भी इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल 76 प्रजातियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कर्नाटक ने 67 और अरुणाचल प्रदेश ने 65 प्रजातियाँ दर्ज कीं।
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