सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP)

केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की ताकत को मापने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। मंत्रालय आगामी जुलाई 2026 में ‘इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन’ (ISP) यानी सेवा उत्पादन सूचकांक लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

जिस तरह औद्योगिक क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को मापने के लिए ‘औद्योगिक उत्पादन सूचकांक’ (IIP) का उपयोग किया जाता है, ठीक उसी की तर्ज पर अब ISP औपचारिक सेवा क्षेत्र (Formal Services Sector) की मासिक प्रगति का लेखा-जोखा रखेगा। सरकार ने इस नए इंडेक्स के लिए आधार वर्ष (Base Year) 2024-25 को चुना है।

क्या है ISP और इसके मुख्य उद्देश्य?

सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) एक अल्पकालिक संकेतक (Short-term indicator) है। इसे एक निश्चित आधार अवधि की तुलना में सेवा क्षेत्र द्वारा उत्पादित आउटपुट (उत्पादन) की मात्रा में समय के साथ होने वाले बदलावों को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस सूचकांक को तैयार करने के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. आर्थिक रुझान प्रदान करना: देश की अर्थव्यवस्था के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को समझने के लिए IIP के पूरक (Complement) के रूप में काम करना।
  2. हाई-फ्रीक्वेंसी जानकारी: सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन पर लगातार और त्वरित डेटा प्रदान करना, ताकि नीति निर्माताओं और विश्लेषकों को सटीक फैसले लेने में मदद मिल सके।

समय-सीमा और डेटा: ISP को हर महीने जारी किया जाएगा, जिसमें लगभग 60 दिनों का अंतराल (Lag) होगा। यानी किसी विशेष महीने का डेटा उसके करीब दो महीने बाद सामने आएगा।

केवल औपचारिक क्षेत्र पर फोकस (GST डेटा का इस्तेमाल)

ISP मुख्य रूप से देश के औपचारिक क्षेत्र (Formal Sector) की तस्वीर पेश करेगा। इसे तैयार करने के लिए GST (वस्तु एवं सेवा कर) के तहत पंजीकृत कंपनियों और उद्यमों के ‘आउटवर्ड सप्लाई’ (बिक्री/आपूर्ति) के आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा।

किन सेवाओं को रखा गया है बाहर?

कुछ ऐसी सेवाओं को इस सूचकांक में शामिल नहीं किया गया है जो या तो पूरी तरह सरकारी गतिविधियों से जुड़ी हैं, या फिर जिनमें गैर-बाज़ार गतिविधियों और अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) का दबदबा है।

ISP के दायरे से बाहर रखी गई प्रमुख सेवाएं:

  • लोक प्रशासन और रक्षा (Public administration and Defence)
  • बैंकिंग और बीमा को छोड़कर अन्य वित्तीय सेवाएं (जैसे केंद्रीय बैंक और मनी मार्केट फंड्स की गतिविधियां)
  • बिना आवास (Accommodation) वाली सामाजिक कार्य गतिविधियां
  • सदस्यता संगठनों (Membership organisations) की सेवाएं
  • घरेलू कर्मचारियों को रखने वाले निजी परिवारों की गतिविधियां
  • राजनयिक और विदेशी संगठनों (Extraterritorial organisations) की गतिविधियां
  • सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य (Health) और शिक्षा (Education) सेवाएं
  • जुआ और सट्टेबाजी (Gambling and betting) से जुड़ी गतिविधियां

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