CALM-Brain-भारत का अपनी तरह का पहला डिजिटल डेटा रिपॉजिटरी

रोहिणी नीलेकणी सेंटर फॉर ब्रेन एंड माइंड (CBM) ने CALM-Brain का विकास किया है जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। CALM-Brain (Collaborative Assessment of Lived-experience and Mental-health) भारत का अपनी तरह का पहला डिजिटल डेटा रिपॉजिटरी है, जो विशेष रूप से भारतीय रोगियों के मस्तिष्क की संरचना और कार्यों के डेटा पर आधारित है।

मुख्य विशेषताएँ और उद्देश्य

  • संस्थानों की साझेदारी: यह NIMHANS और NCBS-TIFR के बीच एक संयुक्त प्रयास है।
  • ओपन सोर्स: इस डेटाबेस को शोधकर्ताओं और चिकित्सकों के लिए खुला रखा जाएगा ताकि वे मानसिक रोगों की शुरुआत, उनके बढ़ने की प्रक्रिया और जैविक परिवर्तनों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
  • लक्षित विकार: यह मुख्य रूप से पाँच गंभीर विकारों पर केंद्रित है:
    1. व्यसन (Addiction)
    2. बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder)
    3. डिमेंशिया (Dementia)
    4. ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD)
    5. सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia)
  • विविध डेटासेट: इसमें केवल क्लीनिकल डेटा ही नहीं, बल्कि न्यूरो-इमेजिंग, व्यवहार संबंधी, आनुवंशिक (Genetic) और अन्य महत्वपूर्ण डेटा शामिल हैं।
  • स्टेम सेल लिंक: यह डेटासेट एक ‘बायोरिपॉजिटरी’ से जुड़ा है जहाँ स्टेम सेल सुरक्षित हैं, जिससे प्रयोगशाला में इन बीमारियों के जैविक मूल कारणों पर शोध करना संभव होगा।

सांख्यिकी और इतिहास

  • शुरुआत: इसकी नींव 2016 में ADBS प्रोजेक्ट (Accelerator program for Discovery in Brain disorders using Stem cells) के तहत रखी गई थी।
  • फंडिंग: इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और प्रतीक्षा ट्रस्ट (Pratiksha Trust) द्वारा वित्तपोषित किया गया है।
  • दायरा: वर्तमान में इसमें 900 परिवारों के 2,000 से अधिक प्रतिभागियों का डेटा शामिल है।
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