रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम-संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ 10 वर्षों के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम-संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और अधिक सुदृढ़ और किफायती बनाना है।
योजना के प्रमुख घटक
| घटक (Component) | विवरण (Details) | आवंटित बजट/लक्ष्य |
| हवाई अड्डा विकास | मौजूदा असेवित (unserved) हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों का विकास। | क्षेत्रीय संपर्क में सुधार |
| O&M सहायता | परिचालन और रखरखाव (O&M) लागत के लिए 3 साल तक वित्तीय सहायता। | ₹2,577 करोड़ (441 एरोड्रोम हेतु) |
| हेलीपैड विकास | पहाड़ी, दूरदराज और द्वीपीय क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड। | ₹3,661 करोड़ (अगले 8 वर्ष) |
| VGF सहायता | एयरलाइन ऑपरेटरों को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) सहायता। | ₹10,043 करोड़ (10 वर्ष के लिए) |
| बेड़े का विस्तार | पवन हंस के लिए 2 HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और अलायंस एयर के लिए 2 HAL डोर्नियर विमान। | स्वदेशी विमानों को बढ़ावा |
महत्वपूर्ण प्रावधान
- परिचालन सहायता: क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के तहत हवाई अड्डों के लिए ₹3.06 करोड़ प्रति वर्ष और हेलीपोर्ट/वाटर एरोड्रोम के लिए ₹0.90 करोड़ प्रति वर्ष की सहायता राशि कैप (limit) की गई है।
- अंतिम मील तक पहुंच (Last-mile Connectivity): 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण मुख्य रूप से आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया में भी सुधार होगा।
- पृष्ठभूमि: मूल उड़ान योजना अक्टूबर 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़कर हवाई यात्रा को “आम नागरिक” के लिए सुलभ बनाना था।


