कैबिनेट ने रेल मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 5 मई, 2026 को रेलवे की क्षमता बढ़ाने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए ₹23,437 करोड़ की लागत वाली तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
यह विस्तार भारतीय रेलवे के नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की नई लाइनें जोड़ेगा और इसके 2030-31 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रमुख रेल कॉरिडोर और प्रभावित राज्य
ये परियोजनाएं 6 राज्यों के 19 जिलों को कवर करेंगी:
- नागदा-मथुरा (तीसरी और चौथी लाइन): मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
- गुंतकल-वाड़ी (तीसरी और चौथी लाइन): कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना।
- बुढ़वल-सीतापुर (तीसरी और चौथी लाइन): उत्तर प्रदेश।
परियोजना के मुख्य लाभ और उद्देश्य
- यातायात का दबाव कम करना (Decongestion): इन व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त लाइनों के निर्माण से ट्रेनों की देरी कम होगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
- पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान: ये परियोजनाएं ‘पीएम गति शक्ति’ के तहत एकीकृत बुनियादी ढांचे और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी पर केंद्रित हैं।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी: इस विस्तार से लगभग 4,161 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी कुल आबादी करीब 83 लाख है।
- आर्थिक और रोजगार अवसर: औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में माल ढुलाई (Freight) आसान होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यटन और कनेक्टिविटी
यह उन्नत रेल नेटवर्क भारत के कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को और आसान बनाएगा:
- धार्मिक स्थल: महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन), मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य।
वन्यजीव और प्रकृति: रणथंभौर नेशनल पार्क और केवलादेव नेशनल पार्क।


