असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) 2025
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE) 2025 के परिणाम भारतीय अर्थव्यवस्था के जमीनी स्तर पर हो रहे विस्तार की एक उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं।
यहाँ सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्षों और असंगठित क्षेत्र (Unincorporated Sector) के महत्व का विवरण दिया गया है:
असंगठित क्षेत्र: अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ
असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र भारत की जीडीपी और रोजगार सृजन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- आजीविका का स्रोत: यह क्षेत्र करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां संगठित क्षेत्र की पहुंच सीमित है।
- मूल्य श्रृंखला (Value Chain): यह संगठित क्षेत्र की गतिविधियों का पूरक बनकर घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करता है।
- समान वितरण: वस्तुओं और सेवाओं के देशव्यापी वितरण और उत्पादन को सुनिश्चित कर यह सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करता है।
प्रमुख आंकड़े: ASUSE 2023-24 बनाम ASUSE 2025
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में उद्यमों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है:
| विवरण | ASUSE 2023-24 (अक्टूबर ’23 – सितंबर ’24) | ASUSE 2025 (जनवरी ’25 – दिसंबर ’25) | वृद्धि (%) |
| कुल प्रतिष्ठानों की संख्या | 7.34 करोड़ | 7.92 करोड़ | 7.97% |
सर्वेक्षण की रूपरेखा (ASUSE 2025)
यह सर्वेक्षण असंगठित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को मापने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाता है:
- कवरेज: इसमें मुख्य रूप से विनिर्माण (Manufacturing), व्यापार (Trade) और अन्य सेवा क्षेत्रों (Service Sectors) के उन उद्यमों को शामिल किया जाता है जो ‘निगमित’ (Incorporated) नहीं हैं।
- संदर्भ अवधि: यह डेटा जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि के लिए है।
- डेटा संग्रह: MoSPI एक विस्तृत नमूना रणनीति (Sampling Strategy) और आधुनिक डेटा संग्रह तंत्र का उपयोग करता है ताकि नीति निर्माताओं को सटीक जानकारी मिल सके।


