मंत्रिमंडल ने गोबरधन (GOBARdhan)-राष्ट्रीय सर्कुलर बायो-एनर्जी योजना को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 जुलाई को गोबरधन (GOBARdhan), राष्ट्रीय सर्कुलर बायो-एनर्जी योजना को 23,731 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी दी।
गोबरधन योजना के तहत देश में उपलब्ध कृषि अवशेष, पशु गोबर, प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद, ग्रामीण आय और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में परिवर्तित किया जाएगा।
यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू की जाएगी और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख आधार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सुनिश्चित मांग, लाभकारी एवं स्थिर मूल्य निर्धारण, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना, ऋण सहायता और प्रौद्योगिकी विकास के माध्यम से गोबरधन योजना CBG क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए एक मजबूत और पूर्वानुमेय ढाँचा प्रदान करेगी।
योजना का उद्देश्य घरेलू CBG उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना तथा पूरे देश में एक सशक्त परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था (Circular Bioeconomy) विकसित करना है।
गोबरधन योजना के तहत 6 विकास इंजन
घटक 1: CBG की सुनिश्चित खरीद (Assured CBG Offtake): गोबरधन योजना उत्पादकों के लिए एक विश्वसनीय और सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने हेतु समर्पित CBG खरीद आश्वासन ढाँचा स्थापित करेगी।
नगर गैस वितरण (CGD) संस्थाओं द्वारा CBG की खरीद के माध्यम से अधिसूचित CBG दायित्व (CBG Obligation) को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इसका लक्ष्य है:
- वित्त वर्ष 2026-27: 3%
- वित्त वर्ष 2027-28: 4%
- वित्त वर्ष 2028-29 से आगे: 5%
यह दायित्व CNG (परिवहन) और PNG (घरेलू) क्षेत्रों के लिए लागू होगा।
घटक 2: स्थिर CBG मूल्य निर्धारण ढाँचा: गोबरधन योजना के तहत ₹2,110 प्रति MMBTU (Metric Million British Thermal Unit) का स्थिर प्रशासित CBG मूल्य निर्धारित किया गया है। इसे सरकार समर्थित मूल्य निर्धारण व्यवस्था का सहयोग प्राप्त होगा।
घटक 3: पूंजीगत सहायता (Capital Assistance): पात्र ग्रीनफील्ड CBG परियोजनाओं को स्थापित CBG क्षमता के लिए अधिकतम ₹2 करोड़ प्रति टन प्रतिदिन (TPD) तक पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता केवल मुख्य संयंत्र मशीनरी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें फीडस्टॉक के एकत्रीकरण, जैविक खाद के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण परिसंपत्तियाँ भी शामिल होंगी। CBG उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली ब्राउनफील्ड परियोजनाएँ भी इस सहायता के लिए पात्र होंगी।
घटक 4: पाइपलाइन अवसंरचना का विकास: योजना क्लस्टर-आधारित और स्वतंत्र (Standalone) दोनों प्रकार की पाइपलाइन अवसंरचना के विकास को समर्थन देगी। इसका उद्देश्य CBG संयंत्रों को ट्रंक पाइपलाइनों और नगर गैस वितरण (CGD) नेटवर्क से जोड़ना है।
घटक 5: ऋण गारंटी सहायता (Credit Guarantee Support): एक समर्पित क्रेडिट गारंटी तंत्र ऋणदाताओं का विश्वास बढ़ाएगा और पात्र MSME-आधारित CBG परियोजनाओं के लिए संस्थागत ऋण के प्रवाह को बढ़ावा देगा।
घटक 6: CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड: गोबरधन योजना के तहत एक समर्पित CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिला स्तर पर योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाना और पूरे CBG पारिस्थितिकी तंत्र में स्थानीय मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करना है।
CLICK HERE: UPSC (CSE) GS PRELIMS & MAINS CURRENT AFFAIRS BASED WEEKLY TEST (ENG & HINDI)
CLICK HERE FOR GS TIMES PRAHAR UPSC GS MAINS TEST SERIES
दैनिक करेंट अफेयर्स क्विज़ (सभी परीक्षाओं के लिए) अभ्यास के लिए-यहां क्लिक करें



