कैबिनेट ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई को ₹1,27,500 करोड़ के बजट परिव्यय के साथ सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण (Manufacturing) और नवाचार (Innovation) के पूरे तंत्र को मजबूत बनाना है।

यह कार्यक्रम सेमिकॉन 1.0 की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब (Global Semiconductor Hub) के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

सेमिकॉन 2.0 के छह प्रमुख स्तंभ (Six Pillars)

  1. चिप डिजाइन (Chip Design): भारत की सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रणाली को मजबूत करना।
  2. उपकरण एवं सामग्री (Equipment and Materials):  सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्ची सामग्री (Materials), रसायन (Chemicals) और विशेष गैसों (Specialty Gases) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना।
  3. फैब्रिकेशन (Fabrication/Fab):  वैश्विक कंपनियों को भारत में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
  4. पैकेजिंग (Packaging): एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग) और ओएसएटी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) को मजबूत करना।
  5. अनुसंधान एवं विकास (R&D):  सेमीकंडक्टर अनुसंधान, नवाचार और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना।
  6. प्रतिभा विकास (Talent Development):  सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन (Skilled Workforce) तैयार करना।

प्रमुख बिंदु 

  • भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) संयंत्र वर्ष 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से अधिक का कुल निवेश प्रस्तावित है।

ISM 1.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएँ

  • 1 सिलिकॉन फैब्रिकेशन (Silicon Fab) संयंत्र
  • 1 सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) फैब्रिकेशन इकाई
  • 1 एकीकृत गैलियम नाइट्राइड (GaN) माइक्रो LED डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधा
  • 9 सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाइयाँ

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