केंद्रीय गृह मंत्री ने गांधीनगर में ‘पीएम फैमिली केयर ट्रैकर’ पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 28 जून को गुजरात के गांधीनगर में ‘पीएम फैमिली केयर ट्रैकर’ पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।

केंद्र सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-संचालित कल्याणकारी योजनाओं (डेटा-ड्रिवन वेलफेयर डिलीवरी) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘पीएम फैमिली केयर ट्रैकर’ (PM-FCT) नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों की रियल-टाइम (वास्तविक समय) निगरानी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और परिवार कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है।

गुजरात से हुई पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत गुजरात के गांधीनगर से एक पायलट (प्रायोगिक) प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और 18 वर्ष तक के किशोरों की ट्रैकिंग की जाएगी। इसके तहत स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण सेवाओं को आपस में एकीकृत (इंटीग्रेट) किया जा रहा है।

स्वास्थ्य और पोषण की मुस्तैद निगरानी

PM-FCT प्लेटफॉर्म लाभार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों की शुरू से अंत तक (एंड-टू-एंड) निगरानी सुनिश्चित करेगा। इसमें प्रसव-पूर्व और प्रसव-पश्चात देखभाल (एंटेनेटल और पोस्टनेटल केयर), टीकाकरण, पोषण, बच्चों का विकास (ग्रोथ मॉनिटरिंग), स्कूल में नामांकन व उपस्थिति और किशोर स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।

डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट और ऑटोमेटेड अलर्ट की सुविधा

इस डिजिटल पहल की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट: व्यक्तियों और परिवारों के लिए डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।
  • कल्याणकारी डैशबोर्ड: सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के कुशल वितरण को सुगम बनाने के लिए विशेष डैशबोर्ड तैयार किए गए हैं।
  • ऑटोमेटेड अलर्ट (स्वचालित चेतावनी): यदि कोई बच्चा अनिवार्य टीकाकरण से चूक जाता है या किसी अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवा से वंचित रह जाता है, तो सिस्टम द्वारा तुरंत ऑटोमेटेड अलर्ट जनरेट किया जाएगा।

विभिन्न विभागों का आपसी समन्वय

इस पहल का उद्देश्य कई सरकारी विभागों के बीच तालमेल (कन्वर्जेंस) को बेहतर बनाना है। इसके लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणालियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से जुड़े डेटाबेस को एक साझा प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, गुजरात में इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन और इसके मूल्यांकन के बाद, इस प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित (रोलआउट) किया जाएगा।

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