केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के डेटा जारी किए
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने 29 मई को राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) जारी किया, जिसमें वर्ष 2023-24 के दौरान देश भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, टीकाकरण कवरेज और वित्तीय सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधारों पर प्रकाश डाला गया है। यह सर्वेक्षण MoHFW द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS), मुंबई के साथ मिलकर आयोजित किया गया था।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
- संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में जन्म): NFHS-5 (2019-21) के 88.6 प्रतिशत से बढ़कर NFHS-6 में 90.6 प्रतिशत हो गया।
- प्रसव पूर्व देखभाल (Antenatal Care): कवरेज 92.6 प्रतिशत से बढ़कर 95.9 प्रतिशत हो गया।
परिवार नियोजन एवं टीकाकरण
- प्रजनन दर: कुल प्रजनन दर (TFR) 2.0 पर स्थिर रही।
- गर्भनिरोधक प्रसार दर: 66.7 प्रतिशत से बढ़कर 69.1 प्रतिशत हो गई।
- पूर्ण टीकाकरण: 12-23 महीने के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण कवरेज 83.8 प्रतिशत से बढ़कर 87.1 प्रतिशत हो गया। 96 प्रतिशत से अधिक बच्चों को कम से कम एक टीका लगा, जबकि 95.6 प्रतिशत का टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से हुआ।
बाल पोषण
- स्टंटिंग (आयु के अनुसार कम लंबाई): पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हो गई।
- गंभीर वेस्टिंग (लंबाई के अनुसार कम वजन): 7.7 प्रतिशत से गिरकर 5.2 प्रतिशत हो गई।
- कम वजन: पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कम वजन की व्यापकता 32.1 प्रतिशत से घटकर 31.8 प्रतिशत रही।
वित्तीय सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण
- स्वास्थ्य बीमा: घरेलू स्तर पर स्वास्थ्य बीमा कवरेज 41 प्रतिशत से काफी बढ़कर 60.2 प्रतिशत हो गया। मंत्रालय ने इसके लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) को श्रेय दिया।
- डिजिटल और आर्थिक समावेशन:
- इंटरनेट का उपयोग: इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी होकर 33.3 प्रतिशत से 64.3 प्रतिशत हो गई।
- बैंक खाते: स्वयं का बैंक खाता रखने वाली महिलाओं की संख्या 78.6 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई।
- मोबाइल फोन: महिलाओं में मोबाइल फोन का स्वामित्व और उपयोग 53.9 प्रतिशत से बढ़कर 63.6 प्रतिशत हो गया।
Source: PIB


