पुडुचेरी में शहरी स्थानीय निकाय द्वारा विकसित भारत के पहले SEZ को मंजूरी

केंद्र सरकार ने औद्योगिक आधार को मजबूत करने, निर्यात बढ़ाने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को गहरा करने के प्रयासों के तहत पुडुचेरी में दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) को अधिसूचित किया है। इन प्रस्तावों को वाणिज्य विभाग के तहत SEZs के लिए अनुमोदन बोर्ड (Board of Approval) द्वारा मंजूरी दी गई थी।

पुडुचेरी में नए SEZs के विवरण

विवरणIT/ITES SEZमल्टी-सेक्टर SEZ
स्थानथट्टनचावड़ी गाँव, ओलगरेट तालुककरसुर गाँव, विलियनूर तालुक
विकसित करने वाली संस्थाओलगरेट नगर पालिकाPIPDIC
क्षेत्रफल8.623 हेक्टेयरउल्लेखित नहीं
निवेश (प्रस्तावित)₹725 करोड़उल्लेखित नहीं
संभावित रोजगार3,500 (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष)उल्लेखित नहीं

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: ओलगरेट नगर पालिका द्वारा विकसित किया जाने वाला IT/ITES SEZ, भारत का पहला ऐसा SEZ है जिसे किसी शहरी स्थानीय निकाय (नगर पालिका) द्वारा विकसित किया जा रहा है।

SEZ नीति और नियम: प्रमुख तथ्य

  • नीति की शुरुआत: विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) नीति अप्रैल 2000 में शुरू की गई थी।
  • कानूनी ढांचा:
    • SEZ अधिनियम, 2005: इसे मई 2005 में संसद द्वारा पारित किया गया और 23 जून 2005 को राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई।
    • SEZ नियम, 2006: ये नियम 10 फरवरी 2006 से प्रभावी हुए।
  • SEZ की प्रमुख विशेषताएं:
    • यह एक निर्दिष्ट शुल्क-मुक्त क्षेत्र है जिसे अधिकृत कार्यों के लिए भारत के सीमा शुल्क क्षेत्र से बाहर का क्षेत्र माना जाता है।
    • आयात के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती।
    • यहाँ विनिर्माण (manufacturing) या सेवा गतिविधियों की अनुमति है।
    • घरेलू बिक्री पर पूर्ण सीमा शुल्क (customs duty) और लागू आयात नीति प्रभावी होती है।

हालिया संशोधन (नियम 5): सेमीकंडक्टर या इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विनिर्माण के लिए विशेष रूप से स्थापित SEZ हेतु न्यूनतम भूमि की आवश्यकता को 50 हेक्टेयर से घटाकर 10 हेक्टेयर (निरंतर भूमि) कर दिया गया है।

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