पूर्वोत्तर विकास मंत्री ने ‘अरुणाचल कीवी मिशन’ लॉन्च किया
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने “अरुणाचल कीवी: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी (USP)” मिशन का शुभारंभ किया है। यह अरुणाचल प्रदेश राज्य के लिए क्लस्टर-आधारित कीवी खेती और मूल्य श्रृंखला विकास मिशन है।
मिशन की मुख्य विशेषताएं:
- परिव्यय: लगभग ₹167 करोड़ के परिव्यय के साथ, इस मिशन को ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ (सरकार के संपूर्ण दृष्टिकोण) और अभिसरण-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से तैयार किया गया है।
- हितधारकों का दृष्टिकोण: मिशन को मूल्य श्रृंखला में शामिल प्रत्येक हितधारक के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हस्तक्षेप जमीनी हकीकतों और अरुणाचल के कीवी-खेती करने वाले समुदायों की आकांक्षाओं के अनुरूप हों।
- क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण: मिशन ने ज़ीरो वैली (लोअर सुबनसिरी), दिरांग और कलेक्टांग (वेस्ट कामेंग), शि योमी और दिबांग वैली में छह एकीकृत क्लस्टर-स्तरीय ‘पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट हब’ (फसल कटाई के बाद प्रबंधन केंद्र) की पहचान की है।
एक राज्य, एक उत्पाद (वन डिस्ट्रिक्ट/स्टेट वन प्रोडक्ट): सभी 8 पूर्वोत्तर राज्यों के साथ गठित उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से, सरकार ने प्रत्येक राज्य से एक विशिष्ट उत्पाद की पहचान की है, जिसकी अपनी एक अलग पहचान (Unique Selling Proposition) है:
- अरुणाचल प्रदेश: ऑर्गेनिक कीवी
- मिजोरम: अदरक
- नागालैंड: कॉफी
- सिक्किम: ऑर्गेनिक खेती
- मणिपुर: पोलो विरासत
- असम: मूगा सिल्क
- मेघालय: लाकाडोंग हल्दी
- त्रिपुरा: क्वीन पाइनएप्पल (अनानास)
यह मिशन अरुणाचल प्रदेश के कीवी को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


