DFS ने ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ लॉन्च किया
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग ने 12 मई 2026 को 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का एक घरेलू बीमा पूल लॉन्च किया है, जिसे ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ (BMIP) नाम दिया गया है। इसके लिए 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर (₹12,980 करोड़) की संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) प्रदान की गई है।
इस पूल की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- वैश्विक प्रतिबंधों का प्रभाव: उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों या प्रतिबंधित क्षेत्र में बीमा कवर की वापसी से शिपिंग संचालन और महत्वपूर्ण व्यापार प्रवाह बाधित हो सकता है। प्रतिबंधों के कारण, विदेशी पुनर्बीमाकर्ता (re-insurers) प्रतिबंधित देशों के माल या जहाजों को कवर करने वाली किसी भी बीमा पॉलिसी से समर्थन वापस ले सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय निर्भरता: भारतीय जहाजों की ‘इंटरनेशनल ग्रुप (IG) प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) क्लब’ पर निर्भरता चिंता का विषय रही है।
P&I बीमा क्या है?
P&I बीमा तीसरे पक्ष की देनदारियों (third-party liabilities) को कवर करता है, जैसे:
- तेल प्रदूषण की देनदारी
- मलबे को हटाना
- कार्गो (माल) की क्षति
- चालक दल (crew) की चोट और स्वदेश वापसी
- टकराव की देनदारियां
BMIP का संचालन और संरचना
- संप्रभु नियंत्रण: संप्रभु गारंटी वाला यह पूल पर्याप्त जोखिम कवर प्रदान करेगा और समुद्री व्यापार पर देश के नियंत्रण को बढ़ाएगा।
- प्रशासक: GIC Re इस पूल का प्रशासक है, जो रिटर्न, पुनर्बीमा व्यवस्था का विवरण और पूल के प्रदर्शन की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
- नियामक निकाय: पूल के कामकाज की निगरानी और संप्रभु गारंटी के उपयोग को मंजूरी देने के लिए एक शासी निकाय (Governing Body) का गठन किया गया है।
- पॉलिसी जारी करना: पूल के सदस्य घरेलू बीमाकर्ता, पूल की संयुक्त क्षमता का उपयोग करके नीतियां जारी करेंगे। इन जोखिमों को पूल के सभी सदस्यों द्वारा उनकी क्षमता के अनुपात में पुनर्बीमा (reinsured) किया जाएगा।
दावों का निपटान (Claims Settlement)
- 100 मिलियन USD तक: इस सीमा तक के दावों का निपटान पूल अपनी स्वयं की क्षमता का उपयोग करके करेगा।
- 100 मिलियन USD से अधिक: यदि दावा इस राशि से ऊपर जाता है, तो अंतिम विकल्प (contingent backstop of last resort) के रूप में संप्रभु गारंटी का उपयोग किया जाएगा।


