फॉल्ट एक्टिवेशन एंड अर्थक्वेक रप्चर (FEAR-2)

शोधकर्ताओं ने भूकंप के पीछे के विज्ञान को समझने और सीके जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से, दक्षिणी स्विट्जरलैंड में एक नियंत्रित सेटिंग में हजारों छोटे भूकंप पैदा करके ज़मीन में कम्पन उत्पन्न किया। शोधकर्ताओं ने स्विस आल्प्स के नीचे एक संकीर्ण सुरंग की चट्टानी दीवार में मौजूद एक दरार का निरीक्षण किया। Fault Activation and Earthquake Rupture (FEAR-2) नामक इस प्रयोग के लिए, यूरोप भर के दर्जनों वैज्ञानिकों ने अप्रैल के अंत में चार दिन बिताए, जिसमें उन्होंने सुरंग की चट्टानी दीवारों में ड्रिल किए गए बोरहोल में 750 घन मीटर पानी डाला।

उनका लक्ष्य 1-तीव्रता (magnitude-1) का भूकंप उत्पन्न करना था। शोधकर्ताओं ने कोई नया ‘फॉल्ट’ (भ्रंश) नहीं बनाया, बल्कि उन्होंने केवल उसे हिलने में मदद की। अब वे ऐसा करने में सफल हो गए हैं। छोटे झटकों की एक पूरी श्रृंखला दर्ज की गई, जिनमें से कुछ की तीव्रता 0 से भी कम थी। ये झटके पृथ्वी की सतह पर महसूस नहीं किए गए।

इन निष्कर्षों से जून में अगले प्रयास के दौरान बेडरेटोलैब (BedrettoLab) में तीव्रता-1 तक पहुँचने के लिए सबसे सटीक ‘इंजेक्‍शन एंगल’ (पानी डालने का कोण) निर्धारित करने में मदद मिलेगी। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता को लघुगणकीय (logarithmically) रूप से मापा जाता है, जहाँ प्रत्येक पूर्ण संख्या की वृद्धि मापे गए आयाम (amplitude) में दस गुना वृद्धि को दर्शाती है। 

आल्प्स पर्वतमाला के बारे में

आल्प्स यूरोप की सबसे ऊँची और सबसे व्यापक पर्वत श्रृंखला प्रणाली है, जो आठ देशों—फ्रांस, मोनाको, इटली, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्लोवेनिया में लगभग 1,200 किमी (750 मील) तक अर्धचंद्राकार आकार में फैली हुई है। 

आल्प्स वलित पर्वत हैं। इसका अर्थ है कि इनका निर्माण तब हुआ, जब दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटें धीरे-धीरे आपस में टकराईं और करोड़ों वर्षों तक ज़मीन को ऊपर की ओर धकेलती रहीं। इसी प्रक्रिया से यूरोप की कुछ सबसे ऊँची चोटियों का निर्माण हुआ।इसमें मोंट ब्लांक (4,810 मीटर) जैसी ऊँची चोटियाँ हैं और यह यूरोप के एक प्रमुख जलवायु विभाजक के रूप में कार्य करती है।

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