राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025
भारत सरकार ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा कर दी है, जिसके तहत देश भर से 42 पंचायतों को इस सम्मान के लिए चुना गया है। पंचायती राज मंत्रालय ने सूचित किया है कि पुरस्कार वितरण समारोह अगले महीने की 3 तारीख (3 जून, 2026) को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, इस साल कर्नाटक ने सबसे अधिक छह पुरस्कार हासिल किए हैं, जिसके बाद आंध्र प्रदेश और ओडिशा क्रमशः पांच-पांच पुरस्कारों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं।
पुरस्कारों की श्रेणियां
ये पुरस्कार मुख्य रूप से दो श्रेणियों के तहत प्रदान किए जा रहे हैं:
1. दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP):
यह पुरस्कार उन ग्राम पंचायतों को दिया जाता है जिन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़े विभिन्न विषयों (थीम्स) पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन विषयों में शामिल हैं:
- गरीबी मुक्त आजीविका
- बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
- जल पर्याप्तता (Water Sufficiency)
- महिला अनुकूल शासन
- सामाजिक न्याय और सुरक्षा
इस श्रेणी के तहत 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 34 ग्राम पंचायतों को चुना गया है।
2. नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (NDSPSVP)
इस श्रेणी के तहत जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाता है। इस श्रेणी के अंतर्गत इस वर्ष 8 पंचायतों का चयन किया गया है।
नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार के तहत त्रिपुरा के सिपाहीजला को सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत घोषित किया गया। इसे पांच करोड़ रुपये मिलेंगे.
वित्तीय प्रोत्साहन (पुरस्कार राशि)विजेता पंचायतों को उनके स्तर (टियर) और श्रेणी के आधार पर 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्थानीय स्वशासन को और अधिक मजबूत बनाना है।


