कैबिनेट ने 2026-27 सीज़न के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल मंज़ूर किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित करने को मंजूरी दे दी है।
मूल्य निर्धारण का आधार (Recovery Rate)
गन्ने का मूल्य ‘चीनी रिकवरी’ (गन्ने से निकलने वाली चीनी की मात्रा) पर आधारित होता है:
- आधार दर (Basic Recovery Rate): यह मूल्य 10.25% की रिकवरी रेट के लिए तय किया गया है।
- प्रीमियम (Incentive): यदि रिकवरी 10.25% से अधिक होती है, तो प्रत्येक 0.1% की वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा।
- कमी (Reduction): यदि रिकवरी 10.25% से कम होती है, तो इसी अनुपात में कटौती की जाएगी।
- न्यूनतम सुरक्षा कवच: किसानों के हितों की रक्षा के लिए, यदि रिकवरी 9.5% से कम होती है, तो भी मूल्य में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
FRP क्या है और इसे कौन तय करता है?
FRP (Fair and Remunerative Price/उचित और लाभकारी मूल्य): यह वह न्यूनतम मूल्य है जिसे चीनी मिलों को गन्ना किसानों को चुकाना अनिवार्य होता है। यह किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ दिलाने की गारंटी देता है।
- निर्धारण प्रक्रिया: केंद्र सरकार हर साल अक्टूबर में चीनी सीजन शुरू होने से पहले FRP की घोषणा करती है।
- सिफारिश: यह कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर आधारित होता है।
- परामर्श: अंतिम निर्णय लेने से पहले राज्य सरकारों, चीनी उद्योग और गन्ना उत्पादक संघों के साथ व्यापक चर्चा की जाती है।
महत्वपूर्ण समय सीमा
नया मूल्य अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक चलने वाले चीनी सीजन के दौरान मिलों द्वारा की जाने वाली खरीद पर लागू होगा।
यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थिरता और खाद्य सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा।


