हंतावायरस प्रकोप
2 मई 2026 को, पश्चिम अफ्रीका के तट पर एक क्रूज शिप (समुद्री जहाज) पर सवार यात्रियों के एक समूह में गंभीर श्वसन रोग (respiratory illness) हंतावायरस के मामले सामने आए, जिसकी सूचना विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को दी गई। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज पर 147 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार हैं और इस बीमारी के प्रकोप से तीन लोगों की मृत्यु हो गई है।
हंतावायरस: परिचय और प्रसार
- परिभाषा: हंतावायरस ‘ज़ूनोटिक’ (zoonotic) वायरस हैं जो प्राकृतिक रूप से चूहों और कृंतकों (rodents) को संक्रमित करते हैं और कभी-कभी मनुष्यों में फैल जाते हैं।
- वर्गीकरण: ये ‘बुन्याविरालेस’ (Bunyavirales) गण के भीतर ‘हंताविरिडे’ (Hantaviridae) परिवार से संबंधित हैं।
- संचरण (Transmission):
- मनुष्यों में इसका संक्रमण संक्रमित चूहों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से होता है।
- चूहों के काटने से भी संक्रमण हो सकता है, हालांकि यह कम आम है।
- प्रत्येक हंतावायरस आमतौर पर एक विशिष्ट कृंतक प्रजाति से जुड़ा होता है, जिसमें वायरस बिना किसी स्पष्ट बीमारी के लंबे समय तक बना रहता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और लक्षण
हंतावायरस से होने वाली बीमारियां भौगोलिक स्थिति और वायरस के प्रकार के आधार पर भिन्न होती हैं:
- अमेरिका (Americas): यहाँ यह हंतावायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) का कारण बनता है, जो एक गंभीर श्वसन रोग है। इसकी मृत्यु दर (case fatality rate) 50% तक हो सकती है।
- एंडीज वायरस (Andes virus): दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला यह एकमात्र ज्ञात हंतावायरस है जिसमें मनुष्यों से मनुष्यों के बीच सीमित संचरण दर्ज किया गया है।
- यूरोप और एशिया: इन क्षेत्रों में हंतावायरस हेमोरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS) यानी गुर्दे के सिंड्रोम के साथ रक्तस्रावी बुखार का कारण बनता है।
उपचार और प्रबंधन
- इलाज: WHO के अनुसार, हंतावायरस रोगों को पूरी तरह ठीक करने वाला कोई विशिष्ट उपचार या दवा उपलब्ध नहीं है।
- महत्वपूर्ण उपाय: जीवित रहने की संभावना बढ़ाने के लिए शुरुआती सहायक चिकित्सा देखभाल (early supportive medical care) सबसे महत्वपूर्ण है।


