हिंदू कुश हिमालय में बर्फ के टिके रहने में रिकॉर्ड 27% की गिरावट दर्ज की गई
इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, हिंदूकुश हिमालय (HKH) क्षेत्र में हाल के वर्षों में सबसे कम ‘स्नो पर्सिस्टेंस’ (बर्फ का टिके रहना) दर्ज की गई है। नवंबर 2025 से मार्च 2026 के शीतकालीन सत्र के दौरान यह स्तर दीर्घकालिक औसत से 27 प्रतिशत कम रहा।
मुख्य बिंदु:
- परिभाषा: ICIMOD के अनुसार, ‘स्नो पर्सिस्टेंस’ का अर्थ है “हिमपात के बाद जमीन पर बर्फ रहने की समय अवधि का अंश।”
- नदी घाटियों की स्थिति: ICIMOD ने HKH क्षेत्र से निकलने वाली 12 प्रमुख नदी घाटियों का विश्लेषण किया। पाया गया कि केवल दो घाटियों— गंगा और इरावदी —में औसत से अधिक स्नो पर्सिस्टेंस (क्रमशः 16.3% और 21% से अधिक) दर्ज की गई।
- सबसे अधिक गिरावट: सबसे तीव्र गिरावट मेकांग बेसिन (59.5%), उसके बाद तिब्बती पठार (47.4%) और साल्वीन बेसिन (41.8%) में देखी गई।
- चेतावनी: रिपोर्ट आगाह करती है कि बर्फ के कम टिकने से सूखे की संभावना बढ़ जाती है। निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों के लिए, गर्मियों की शुरुआत में पानी की उपलब्धता को लेकर यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।
ICIMOD के बारे में:
- ICIMOD काठमांडू, नेपाल में स्थित एक अंतर-सरकारी ज्ञान केंद्र है।
- यह आठ देशों—अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान के लिए काम करता है।
हिंदूकुश हिमालय (HKH) क्षेत्र के बारे में:
- तीसरा ध्रुव: हिंदूकुश हिमालय को अक्सर “तीसरा ध्रुव” या “एशिया का वाटर टावर” कहा जाता है।
- विस्तार: यह क्षेत्र पश्चिम में अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में म्यांमार तक 3,500 किमी में फैला है।
- महत्व: यह क्षेत्र एशिया की 10 बड़ी नदी प्रणालियों का स्रोत है और लगभग 240 मिलियन लोगों की आजीविका का आधार है। इन नदियों के बेसिन दुनिया की एक चौथाई आबादी (लगभग 1.9 बिलियन लोगों) को पानी प्रदान करते हैं।
Source: DTE & ICIMOD


