वैज्ञानिकों ने बहती हुई चिकनी मिट्टी में दो हैरान करने वाले पैटर्न खोजे हैं
इंजीनियर चट्टानों के भीतर श्यानता वाले (viscous) तेल को बाहर निकालने के लिए ग्लिसरॉल (एक मीठा अल्कोहल जिसका उपयोग कफ सिरप में किया जाता है) डालते हैं। अब, रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के शोधकर्ताओं के एक नए अध्ययन ने विस्थापित मिट्टी (clay) के यांत्रिक व्यवहार को नियंत्रित करने की एक नई विधि खोजी है। यह विधि तेल प्राप्ति (oil recovery) की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने और मिट्टी के परिवहन में सहायता कर सकती है।
प्रमुख अवधारणाएं और खोज:
- श्यानता (Viscosity): यह किसी तरल के बहने के प्रतिरोध को कहते हैं। उदाहरण के लिए, शहद तेल की तुलना में अधिक श्यान है, और तेल पानी की तुलना में अधिक श्यान है।
- पैटर्न का निर्माण: जब पानी जैसा कम श्यान तरल, एक सीमित स्थान में पानी में घुली हुई मिट्टी (clay suspension) को धकेलता है, तो पानी दिलचस्प आकृतियाँ बनाता है।
- नॉन-न्यूटनियन तरल (Non-Newtonian fluid): पानी में घुली हुई मिट्टी टूथपेस्ट और मेयोनेज़ की तरह एक नॉन-न्यूटनियन तरल है। स्थिर होने पर इनकी सतहों पर ‘शिखर’ (peaks) बन सकते हैं। इसके विपरीत, पानी जैसे न्यूटनियन तरल स्थिर होने पर सपाट और आकृतिहीन सतह वाले होते हैं।
अध्ययन का महत्व:यद्यपि वैज्ञानिकों ने पहले भी पानी द्वारा मिट्टी को विस्थापित करने पर बनने वाले वैश्विक पैटर्न का अध्ययन किया है, लेकिन RRI के वैज्ञानिकों के इस वर्तमान अध्ययन में इनकी सूक्ष्म संरचनाओं (microstructures) और इन पैटर्नों के विकसित होने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह शोध औद्योगिक स्तर पर तरल पदार्थों के प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के निष्कर्षण में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।


