चिकनपॉक्स

चिकनपॉक्स (छोटी माता) वेरिसेला-जोस्टर वायरस (VZV) के कारण होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक संक्रमण है।

चिकनपॉक्स: लक्षण और प्रसार

  • लक्षण: इसकी शुरुआत आमतौर पर बुखार, थकान, भूख न लगना और सिरदर्द से होती है। इसके बाद शरीर पर खुजलीदार, तरल पदार्थ से भरे छाले (blisters) निकल आते हैं, जो अंततः पपड़ी (scab) बनकर झड़ जाते हैं।
  • संक्रामकता: यह दाने दिखने से एक या दो दिन पहले से लेकर सभी छालों पर पपड़ी जमने तक (आमतौर पर 5-7 दिन) संक्रामक रहता है।
  • प्रसार: यह हवा (खांसने/छींकने) या छालों के तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली और एंटीबॉडी

जब शरीर इस संक्रमण से लड़ता है, तो यह आजीवन प्रतिरक्षा (lifelong immunity) विकसित कर लेता है:

  1. एंटीबॉडी का निर्माण: एंटीबॉडी वे प्रोटीन हैं जो संक्रमण होने पर हमारा शरीर बनाता है। ये कीटाणुओं को ढक लेते हैं और उन्हें हमारी कोशिकाओं पर कब्जा करने या बढ़ने से रोकते हैं।
  2. दीर्घकालिक सुरक्षा: संक्रमण ठीक होने के बाद, अधिकांश एंटीबॉडी कम हो जाते हैं, लेकिन कुछ शरीर में बने रहते हैं। यदि वही वायरस दोबारा हमला करता है, तो ये एंटीबॉडी उसे पहचानकर तुरंत खत्म कर देते हैं। यही कारण है कि लोग आमतौर पर दोबारा बीमार नहीं पड़ते।
  3. दाद (Shingles): हालांकि आप दोबारा चिकनपॉक्स से बीमार नहीं होते, लेकिन वायरस शरीर में सुप्त (dormant) अवस्था में रह सकता है और बाद में जीवन में ‘शिंगल्स’ (Shingles) नामक दर्दनाक स्थिति के रूप में फिर से सक्रिय हो सकता है।
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