भारत ने GlobE नेटवर्क की 12वीं संचालन समिति की बैठक की मेजबानी की
नई दिल्ली में ग्लोबल ऑपरेशनल नेटवर्क ऑफ एंटी-करप्शन लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज (GlobE Network) की 12वीं संचालन समिति (Steering Committee) की बैठक आयोजित की गई।
GlobE नेटवर्क क्या है?
- स्थापना: इसकी स्थापना सऊदी अरब की G20 अध्यक्षता के दौरान ‘रियाद पहल’ (Riyadh Initiative) के तहत की गई थी।
- प्रशासकीय ढांचा: यह भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCAC) के ढांचे के तहत काम करता है।
- उद्देश्य: यह भ्रष्टाचार की जांच, अभियोजन और भ्रष्टाचार से प्राप्त आय की वसूली के लिए सदस्य एजेंसियों के बीच प्रत्यक्ष और व्यावहारिक स्तर पर सहयोग को सक्षम बनाता है।
- विस्तार: वर्तमान में इस नेटवर्क में 135 सदस्य देश और 250 सदस्य प्राधिकरण शामिल हैं।
- पर्यवेक्षक (Observers): इसमें यूरोपोल (EUROPOL), विश्व बैंक और इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एंटी-करप्शन अथॉरिटीज सहित 18 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
भारत की भूमिका
भारत की इस नेटवर्क में भागीदारी लगातार मजबूत हुई है:
- जुड़ाव: भारत 2022 में GlobE नेटवर्क में शामिल हुआ।
- नामित एजेंसियां: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) भारत की दो नामित सदस्य एजेंसियां हैं।
- संचालन समिति: सितंबर 2024 में बीजिंग में आयोजित पूर्ण सत्र के दौरान भारत को 15-सदस्यीय संचालन समिति के लिए चुना गया था।


