IMPAct4Nutrition (I4N) पहल
नीति आयोग और यूनिसेफ (UNICEF) इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है, जिसका उद्देश्य भारत के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में पोषण और स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार करना है।
साझेदारी का मुख्य उद्देश्य
इस समझौते का प्राथमिक लक्ष्य आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) और आकांक्षी ब्लॉकों (Aspirational Blocks) में मातृ एवं शिशु पोषण के परिणामों में सुधार करना है। दोनों संस्थाएं अपनी विशेषज्ञता का उपयोग उन क्षेत्रों में करेंगी जहाँ स्वास्थ्य सेवाएं कम सुलभ हैं।
प्रमुख कार्यक्षेत्र (Focus Areas)
सहयोग के तहत निम्नलिखित चार प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
- आंगनवाड़ी अवसंरचना: आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना।
- पोषण साक्षरता: समुदायों के बीच पोषण के महत्व के प्रति जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना।
- ICDS सेवाओं में सुधार: एकीकृत बाल विकास सेवाओं (ICDS) की पहुंच और उपयोग को बेहतर बनाना।
- क्षमता निर्माण: फ्रंटलाइन वर्कर्स (आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं) के कौशल और प्रशिक्षण में वृद्धि करना।
CSR और IMPAct4Nutrition (I4N) की भूमिका
यूनिसेफ अपने IMPAct4Nutrition (I4N) प्लेटफॉर्म के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसका मुख्य काम निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को पोषण संबंधी पहलों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ज्ञान साझाकरण और विस्तार
नीति आयोग के अनुसार, इस साझेदारी का एक बड़ा हिस्सा ‘स्केलेबल बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (सफल मॉडलों) की पहचान करना है। एक बार जब किसी आकांक्षी जिले में कोई तकनीक या रणनीति सफल हो जाती है, तो उसे ज्ञान-साझाकरण प्लेटफार्मों के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा।


