माई एनडोम्बे और तुम्बा झीलों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) की दो बड़ी झीलें उस कार्बन को उत्सर्जित कर रही हैं, जो आसपास के पीटलैंड्स (Peatlands) में हजारों वर्षों से कैद था। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह जलवायु स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। ‘नेचर जियोसाइंस’ में प्रकाशित शोध के अनुसार, ईटीएच ज्यूरिख (ETH Zurich) विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि उष्णकटिबंधीय पीटलैंड्स, जो जलवायु विनियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, के बारे में माना जाता था कि वे सहस्राब्दियों तक कार्बन को सुरक्षित रूप से संग्रहीत रखते हैं।

हालांकि, शोधकर्ताओं ने पाया कि माई एनडोम्बे (Lakes Mai Ndombe) और तुम्बा (Tumba) झीलों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का 40% हिस्सा हाल के पौधों के बजाय प्राचीन पीट जमाव से आता है, जिनमें से कुछ 3,000 साल से भी अधिक पुराने हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्बन पीटलैंड्स से झीलों में कैसे पहुँचता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जलवायु परिवर्तन या भूमि उपयोग में बदलाव (जैसे जंगलों को कृषि भूमि में बदलना) से यह घटना और खराब हो सकती है, जिससे सूखे की स्थिति बढ़ती है। मृत पौधों के संचय से बनने वाला पीट (Peat), पानी से भरे होने पर नष्ट नहीं होता है, लेकिन जब यह सूख जाता है, तो पौधों को विघटित करने वाले सूक्ष्मजीव पुनर्जीवित हो जाते हैं और कार्बन वापस वायुमंडल में रिसने लगता है।+1


पीटलैंड्स और जलवायु का गहरा संबंध

यह शोध निम्नलिखित कारणों से वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है:

1. कार्बन सिंक का “कार्बन बम” में बदलना:

दुनिया भर के पीटलैंड्स वनों की तुलना में दोगुना कार्बन स्टोर करते हैं। जब तक ये क्षेत्र गीले (Water-logged) रहते हैं, कार्बन जमीन के नीचे जमा रहता है। लेकिन यदि ये सूखते हैं (सूखे या वनों की कटाई के कारण), तो यह “कार्बन बम” की तरह फटते हैं, जिससे भारी मात्रा में $CO_2$ उत्सर्जित होती है।

2. प्राचीन कार्बन का रहस्य (Ancient Carbon):

आमतौर पर झीलें हाल ही में गिरे पत्तों या पौधों से कार्बन उत्सर्जित करती हैं। लेकिन 3,000 साल पुराने कार्बन का मिलना यह दर्शाता है कि पीटलैंड्स की गहरी परतें अब असुरक्षित हो गई हैं। यह “पर्माफ्रॉस्ट” (Permafrost) के पिघलने जैसी ही चिंताजनक स्थिति है।

3. कांगो बेसिन की भूमिका:

कांगो बेसिन दुनिया का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय पीटलैंड कॉम्प्लेक्स है। यदि यहाँ का कार्बन वातावरण में मिल गया, तो ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के वैश्विक प्रयास विफल हो सकते हैं।

4. भूमि उपयोग का प्रभाव:

जब जंगलों को काटकर खेती की जाती है, तो जल निकासी (Drainage) के कारण पीटलैंड सूखने लगता है। सूखे पीट में ऑक्सीजन पहुँचते ही सूक्ष्मजीव सक्रिय हो जाते हैं और कार्बन को हवा में छोड़ देते हैं।

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