गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) में निवेश अधिक रहा

भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पहली बार जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) में निवेश, इक्विटी-उन्मुख म्यूचुअल फंड में होने वाले प्रवाह से अधिक रहा है। यह निवेश विकल्प के रूप में सोने की मांग में भारी उछाल को रेखांकित करता है, क्योंकि सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

गोल्ड ETFs और उनकी कार्यप्रणाली (Gold ETFs and How They Work)

गोल्ड ETFs ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो सोने में निवेश करते हैं। म्यूचुअल फंड की तरह, ETFs कई निवेशकों से पैसा जुटाते हैं और उस पैसे को स्टॉक, बॉन्ड, अल्पकालिक मुद्रा-बाजार उपकरणों, अन्य प्रतिभूतियों या परिसंपत्तियों (जैसे सोना), या इन निवेशों के संयोजन में निवेश करते हैं।

  • पोर्टफोलियो: ETF की संयुक्त होल्डिंग्स को उसके पोर्टफोलियो के रूप में जाना जाता है, जिसे आमतौर पर एक पंजीकृत निवेश सलाहकार द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
  • इंडेक्स ट्रैकिंग: ETFs ऐसे फंड हैं जो सेंसेक्स, निफ्टी जैसे सूचकांकों (Indices) को ट्रैक करते हैं। जब आप ETF की इकाइयां खरीदते हैं, तो आप वास्तव में एक ऐसे पोर्टफोलियो की इकाइयां खरीद रहे होते हैं जो उस सूचकांक के प्रदर्शन को ट्रैक करता है।

ETFs और म्यूचुअल फंड के बीच मुख्य अंतर (Key Differences)

म्यूचुअल फंड के विपरीत, ETFs स्टॉक एक्सचेंज पर एक सामान्य स्टॉक की तरह ट्रेड करते हैं।

विशेषता (Feature)एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF)नियमित म्यूचुअल फंड (Regular MF)
ट्रेडिंग का समयबाजार समय के दौरान कभी भी (Real-time)केवल दिन के अंत में (Closing NAV)
मूल्य निर्धारणबाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर बदलता हैशुद्ध संपत्ति मूल्य (NAV) पर आधारित
तरलता (Liquidity)आम तौर पर उच्च दैनिक तरलतामोचन (Redemption) प्रक्रिया के माध्यम से
लागत (Fees)आम तौर पर कम शुल्क और व्यय अनुपातअपेक्षाकृत अधिक शुल्क

[Image comparing ETF vs Mutual Fund: trading flexibility, cost structures, and price movements]

ETFs का व्यापारिक मूल्य उन अंतर्निहित परिसंपत्तियों (underlying assets) के शुद्ध संपत्ति मूल्य (NAV) पर निर्भर करता है जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।

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