FORGE पहल

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 3 फरवरी, 2026 को वैश्विक ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (महत्वपूर्ण खनिजों) की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में जोखिम कम करने के लिए “संरचित अंतरराष्ट्रीय सहयोग” का पुरजोर समर्थन किया। वॉशिंगटन में आयोजित ‘2026 क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इन खनिजों का सुरक्षित और लचीला होना अनिवार्य है।

मुख्य बिंदु: बैठक की बड़ी बातें

  • आपूर्ति श्रृंखला में विविधता: जयशंकर ने आगाह किया कि आपूर्ति श्रृंखला का किसी एक क्षेत्र या देश में केंद्रित होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भरा है। उन्होंने इसे और अधिक विविध (Diversified) और लचीला (Resilient) बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • FORGE पहल का समर्थन: भारत ने आधिकारिक तौर पर FORGE (Forum on Resource Geostrategic Engagement) पहल का समर्थन किया है। यह पहल अमेरिका द्वारा शुरू की गई है, जो पूर्ववर्ती ‘मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप’ (MSP) का स्थान लेगी।+1
  • Pax Silica पहल: दिसंबर 2025 में अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) पहल शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सप्लाई चेन और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवश्यक खनिजों को सुरक्षित करना है।+1
  • उच्च स्तरीय भागीदारी: इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों ने की। बैठक में 54 देशों के प्रतिनिधि और यूरोपीय आयोग शामिल हुए, जिनमें 43 देशों के विदेश मंत्री मौजूद थे।
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