WTO का 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन ई-कॉमर्स मोरेटोरियम पर रोक की अवधि बढ़ाने में विफल रहा
विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) 30 मार्च, 2026 को कैमरून की राजधानी याउंडे में संपन्न हुआ। व्यापार मंत्रियों के बीच चार दिनों तक चली इस वार्ता में ई-कॉमर्स शुल्क स्थगन (Moratorium) के विस्तार या सुधार के मार्ग पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
ब्राजील और तुर्की द्वारा ई-कॉमर्स स्थगन (जिसमें डिजिटल डाउनलोड और स्ट्रीमिंग शामिल हैं) को बढ़ाने के प्रस्ताव को रोकने के कारण, इंटरनेट के शुरुआती दौर में सहमत यह स्थगन 28 वर्षों में पहली बार समाप्त (Lapse) हो गया। इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण और ‘ट्रिप्स (TRIPS) गैर-उल्लंघन’ से संबंधित मौजूदा स्थगन 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो गए।
प्रमुख बिंदु:
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: मई 1998 में, WTO सदस्य पहली बार दो वर्षों के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क न लगाने पर सहमत हुए थे, जिसे तब से हर दो साल में बढ़ाया जाता रहा था।
- ई-कॉमर्स की परिभाषा: WTO के वर्क प्रोग्राम के अनुसार, ई-कॉमर्स का अर्थ इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, वितरण, विपणन, बिक्री या वितरण है।
- प्रभाव: इस मोरेटोरियम की समाप्ति से ई-कॉमर्स पर टैरिफ (शुल्क) लगाने का रास्ता खुल जाएगा। वर्तमान में सीडी या डीवीडी जैसे भौतिक उत्पादों का स्थान स्ट्रीमिंग सेवाओं और ई-बुक्स ने ले लिया है।
- विभिन्न देशों का रुख: अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान ने इसके स्थायी विस्तार पर जोर दिया, जबकि भारत और अन्य विकासशील देशों ने इसका विरोध किया। उनका तर्क है कि इससे राजस्व की हानि होगी और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में नीतिगत विकल्प सीमित हो जाएंगे।
- सम्मेलन का महत्व: मंत्रिस्तरीय सम्मेलन WTO का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जो हर दो साल में आयोजित होता है। अफ्रीका में यह केवल दूसरा अवसर था जब इस सम्मेलन का आयोजन किया गया (इससे पहले 2015 में नैरोबी, MC10 में हुआ था)।


